Chhattisgarh Kanker News: रायपुर। महिलाओं की सुरक्षा और उनके मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए कांकेर पुलिस ने एक अनोखी पहल की है. शहर के 15 प्रमुख स्थानों पर महिला शिकायत एवं सुझाव पेटियां लगाई गई हैं, जिनमें महिलाएं निःसंकोच होकर अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव लिखकर डाल रही हैं. मात्र एक महीने में लगभग 50 पत्र प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से कई मामलों का निराकरण भी किया गया है. महिलाओं का कहना है कि इस व्यवस्था ने उन्हें बिना डर अपनी आवाज़ उठाने का साहस दिया है.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘सुरक्षित माहौल’ देने का संदेश
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर देश नारी शक्ति को नमन कर रहा है, लेकिन अनेक महिलाएं आज भी उत्पीड़न, हिंसा, धमकी और सामाजिक दबाव का सामना करती हैं. लोकलाज के भय से कई बार वे पुलिस तक पहुंच ही नहीं पातीं. इन्हीं समस्याओं पर लगाम लगाने के लिए कांकेर पुलिस का यह कदम महिलाओं को नई दिशा दे रहा है.
शहर के 15 स्थानों पर लगी ‘पिंक बॉक्स’ शिकायत पेटियां
कांकेर पुलिस ने 1 फरवरी से इस पहल की शुरुआत की. पेटियां शहर के स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टैंड, लाइब्रेरी और प्रमुख चौक-चौराहों पर लगाई गई हैं. इन पिंक रंग की पेटियों पर महिला हेल्पलाइन नंबर भी अंकित है. पेटियों में शिकायतें डालने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. साथ ही हेल्पलाइन पर मिल रहे कॉल भी यह दर्शाते हैं कि महिलाएं अब खुलकर अपनी बात रख रही हैं.
घरेलू हिंसा से ब्लैकमेल तक मिल रही संवेदनशील शिकायतें
अब तक जो शिकायतें मिली हैं, उनमें प्रमुख मुद्दे घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, ब्लैकमेल, धमकी, मानसिक प्रताड़ना और पारिवारिक विवाद जैसे हैं. पुलिस की महिला टीम हर सप्ताह पेटियों से पत्र निकालकर उन्हें बंद लिफाफे में पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों को सौंपती है. शिकायतों को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है और विशेष टीम बनाकर उचित कार्रवाई की जाती है.
महिला रक्षा टीम भी सक्रिय; पिंक स्कूटी पर निगरानी
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने कांकेर पुलिस ने महिला रक्षा टीम का गठन किया है, जो पिंक ड्रेस और पिंक स्कूटी में रात में शहर और आसपास के इलाकों में गश्त करती है. यह टीम महिलाओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं को सुनती और उन्हें सुरक्षा का भरोसा देती है.
महिलाएं बोलीं-अब डर खत्म, पुलिस पर भरोसा बढ़ा
कांकेर की महिलाएं इस पहल की जमकर सराहना कर रही हैं. उनका कहना है कि पहले वे परिवार और समाज के डर से पुलिस तक नहीं पहुंच पाती थीं. कई महिलाएं तो पुलिस स्टेशन जाने से घबराती थीं. लेकिन अब शिकायत और सुझाव पेटी ने उन्हें आत्मविश्वास दिया है. इससे महिला अपराधों पर अंकुश लगेगा और महिलाएं अधिक सशक्त महसूस करेंगी.
पुलिस का लक्ष्य; डर, झिझक और चुप्पी खत्म करना
पुलिस का यह अभिनव प्रयास महिलाओं को वह मंच दे रहा है जिसकी उन्हें वर्षों से जरूरत थी. इससे न सिर्फ महिलाएं खुलकर अपनी समस्याएं दर्ज करा रही हैं, बल्कि उनके मन से वह डर और झिझक भी खत्म हो रही है जो उन्हें गलत कदम उठाने की ओर धकेलता था. पुलिस का उद्देश्य महिलाओं को एक सुरक्षित, सहज और विश्वासपूर्ण माहौल प्रदान करना है.

