विकसित भारत 2047 संकल्प को साकार करने 870 प्रशिक्षु अधिकारी तैयार, माना में विशेष प्रशिक्षण पहल शुरू, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गजेन्द्र यादव रहे मौजूद

विकसित भारत 2047 संकल्प को साकार करने 870 प्रशिक्षु अधिकारी तैयार, माना में विशेष प्रशिक्षण पहल शुरू, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गजेन्द्र यादव रहे मौजूद

Mana Training Program रायपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी के तत्वावधान में माना स्थित पुलिस प्रशिक्षण संस्थान में 870 प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने संयुक्त रूप से किया।

इस प्रशिक्षण पहल में पुलिस अकादमी चंदखुरी के 537 उपनिरीक्षक, पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय माना के 54 सूबेदार, 211 प्लाटून कमांडर और 68 उपनिरीक्षक (एसबी) शामिल हैं। इन सभी प्रशिक्षुओं के बुनियादी प्रशिक्षण का शुभारंभ 3 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में अंतिम परीक्षाएं संचालित की जा रही हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी अधिकारियों को एक वर्ष के जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ किया जाएगा।

कार्यक्रम की रूपरेखा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षुओं को शासन की नीतियों, प्रशासनिक दृष्टिकोण और जनसेवा के मूल्यों से सीधे परिचित कराना है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में भारत की पुलिस व्यवस्था के ऐतिहासिक विकास, वर्तमान चुनौतियों और आधुनिक पुलिसिंग की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में प्रशिक्षु अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। साथ ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय को आपदा, महामारी और आपात स्थितियों में अत्यंत आवश्यक बताया। कोविड-19 काल में दोनों विभागों की भूमिका को उन्होंने अनुकरणीय उदाहरण कहा।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आधुनिक पुलिस अधिकारी के लिए सतत अध्ययन, विधिक समझ, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि ज्ञान और मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन ही एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी की पहचान है।

कार्यक्रम में निदेशक अजय यादव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए इसे प्रशिक्षण को अधिक व्यवहारिक और जनोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला, पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिंज, उप पुलिस अधीक्षक इरफान काजी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों में कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भाव, संवेदनशीलता और सुशासन के मूल्यों को सुदृढ़ करना है, ताकि भविष्य में प्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक सशक्त, पारदर्शी और जनविश्वासयुक्त बनाया जा सके।

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