CG Raipur News: रायपुर। जगदलपुर में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित आगमन तथा बस्तर पंडुम कार्यक्रम की तैयारियों का छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री अग्रवाल ने कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रदर्शनियों की तैयारी तथा स्वागत समारोह की रूपरेखा की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आदिवासी कलाकारों के प्रदर्शन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और पारंपरिक नृत्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत देशभर के समक्ष प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत हो सके।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम न केवल आदिवासी जीवनशैली, परंपराओं, कला और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का सशक्त मंच है, बल्कि यह बस्तर की आत्मा, सांस्कृतिक चेतना और सामुदायिक जीवन का जीवंत प्रतिबिंब भी है। उन्होंने कहा, “महामहिम राष्ट्रपति के आगमन से इस पंडुम को नई पहचान मिलेगी और यह आदिवासी संस्कृति के संरक्षण व प्रचार का प्रमुख माध्यम बनेगा।”
गौरतलब है कि बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदायों की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने वाला प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव है। कार्यक्रम की तैयारियों में स्थानीय जनजातीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। गोंड, मुरिया, हल्बा सहित विभिन्न आदिवासी समुदायों के कलाकार अपनी पारंपरिक कला, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्सव को जीवंत बनाएंगे।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि महामहिम राष्ट्रपति का यह दौरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने का सुनहरा अवसर है। यह आयोजन बस्तर क्षेत्र के विकास और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।
महामहिम राष्ट्रपति के स्वागत को लेकर पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल में उत्साह का माहौल है। उनका यह आगमन न केवल बस्तर पंडुम को गौरवान्वित करेगा, बल्कि आदिवासी कल्याण और क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

