बिलासपुर में बच्चों और युवाओं को नशीले इंजेक्शन और टैबलेट बेचने वालों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दो अलग-अलग मामलों में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन और नाइट्रा टैबलेट जब्त किए गए हैं।
दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजा गया है। सीएसपी कोतवाली गगन कुमार ने बताया कि जूना बिलासपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति बच्चों को नशीले इंजेक्शन देकर उन्हें नशे का आदी बना रहा था। सूचना मिलने पर घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अमन विश्वकर्मा उर्फ टेंगा (25) बताया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 400 नग एविल इंजेक्शन शीशी, ब्यूप्रेनोर्फिन और नालोक्सोन टैबलेट, इंजेक्शन लगाने वाली सिरिंज, नशीली दवाओं की खाली शीशियां और 700 रुपए कैश बरामद हुए। पुलिस को देखकर कुछ नाबालिग बच्चे मौके से भाग निकले।
सप्लाई चेन की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब आरोपी के संपर्क में रहे अन्य लोगों और नशीली दवाओं की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश जारी है कि नशीली दवाएं कहां से लाई जा रही थीं और किन लोगों तक पहुंचाई जाती थीं।
नाबालिगों को नशा कराने का गंभीर अपराध
कोतवाली टीआई देवेश सिंह ने बताया कि आरोपी इन इंजेक्शनों और दवाओं को मिलाकर नाबालिग बच्चों को नशा कराने की कोशिश कर रहा था। यह कृत्य स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। आरोपी के खिलाफ धारा 77 जेजे एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धारा 123, 275, 286 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नशे की टैबलेट बेचने की फिराक में युवक पकड़ा गया
एक अन्य मामले में गांधी चौक स्थित मिनी स्टेडियम वाली गली के पास नशीली दवाइयां बेचने की फिराक में घूम रहे एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रिंस बोले (20), निवासी नया पारा दयालबंद बताया। उसके पास से नाइट्राजेपाम टैबलेट की कुल 9 स्ट्रिप, यानी 90 टैबलेट जब्त की गईं।
नकद राशि और मोबाइल फोन भी जब्त
इसके अलावा आरोपी के पास से 240 रुपए कैश और एक मोबाइल भी जब्त किया गया। आरोपी नशीली दवाइयों के विक्रय से जुड़ा कोई वैध चिकित्सकीय दस्तावेज पेश नहीं कर सका।इस मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 21, 22, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस किया है।
कोतवाली पुलिस की अभिभावकों से अपील
कोतवाली पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध जानकारी की तुरंत पुलिस को सूचना दें। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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