रिटायर्ड अफसर के बेटे ने की इंटरकास्ट मैरिज, समाज ने किया बहिष्कृत, पनिका समाज के पदाधिकारियों पर FIR

रिटायर्ड अफसर के बेटे ने की इंटरकास्ट मैरिज, समाज ने किया बहिष्कृत, पनिका समाज के पदाधिकारियों पर FIR

बिलासपुर में एक रिटायर्ड अफसर और उनके परिवार को इंटरकास्ट मैरिज करने पर समाज से बाहर कर दिया गया। इससे परेशान होकर अफसर ने पनिका समाज के पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत की।

पुलिस ने समाज के चार पदाधिकारियों पर केस दर्ज कर लिया है। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है।

तारबाहर के डीपूपारा में रहने वाले कमल किशोर परवार (62) कलेक्टर ऑफिस में अधीक्षक थे और अब रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत की है।

शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके बेटे हितेश परवार (35) ने 4 नवंबर 2024 को साहू समाज की युवती से इंटरकास्ट शादी की थी। उनका आरोप है कि इसी इंटरकास्ट मैरिज की वजह से पनिका समाज के प्रांतीय पदाधिकारियों ने उन्हें और उनके परिवार को समाज से बाहर कर दिया है।

बहू को समाज में शामिल करने बनी थी सहमति

रिटायर्ड अफसर ने पुलिस को बताया कि बेटे की शादी के बाद उन्होंने अपनी बहू को पनिका समाज में शामिल करने के लिए जिला पनिका समाज के अध्यक्ष को आवेदन दिया था। इस पर 1 दिसंबर 2024 को दीनदयाल गार्डन, व्यापार विहार में जिला और प्रांतीय पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में यह सहमति बनी कि ऋचा साहू को समाज में शामिल किया जा सकता है।

इस बैठक में पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष जे.आर. साकत, प्रांतीय उपाध्यक्ष दशरथ साकत, जिला अध्यक्ष शिव मोंगरे, शहर अध्यक्ष दीपचंद और कई अन्य सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद थे।

मिलान कार्यक्रम कराया फिर भी किया सामाजिक बहिष्कार

उन्होंने बताया कि शादी मिलान कार्यक्रम के लिए दो तारीखें तय की गई थीं, लेकिन प्रांतीय पदाधिकारी इनमें शामिल नहीं हुए। इसके बाद 1 फरवरी को जिला अध्यक्ष और लगभग 70-80 समाज के लोगों की मौजूदगी में शादी मिलान पूरा किया गया।

2 मार्च को शादी का रिसेप्शन भी रखा गया। लेकिन जब प्रांतीय पदाधिकारियों पूर्व अध्यक्ष जे.आर. साकत, वर्तमान अध्यक्ष वंशधारी सांवरा, उपाध्यक्ष दशरथ साकत और सचिव थानू राम बघेल को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने पूरे परिवार को समाज से बाहर कर दिया।

परिवार का कहना है कि इस वजह से वे मानसिक तनाव में हैं।

सहयोग करने वालों को भी समाज से बाहर किया

परिवार ने बताया कि 1 मार्च 2025 को मुंगेली रोड पर हुई बैठक में पूर्व अध्यक्ष जेआर साकत, प्रांतीय अध्यक्ष वंशधारी सांवरा, उपाध्यक्ष दशरथ साकत, प्रांतीय सचिव थानू राम बघेल और प्राणनाथ साकत ने न सिर्फ परवार परिवार को, बल्कि मिलान कार्यक्रम में मदद करने वाले बिलासपुर के कई सामाजिक सदस्यों को भी समाज से निष्कासित कर दिया। इसके कारण उनके परिवार की और उन लोगों की समाज में बहुत बदनामी हो रही है।

50 हजार जुर्माना और बकरा भात खिलाने का है नियम

कमल किशोर परवार के अनुसार, समाज का नियम है कि अगर कोई अंतरजातीय विवाह करता है, तो उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना और बकरा भोजन करवाना होता है। इसी आधार पर उनके पूरे परिवार को सामाजिक कार्यक्रमों, खाने-पीने और आवाजाही से भी रोक दिया गया है।

उनका कहना है कि अब वे किसी रिश्तेदार के खुशी या शोक के कार्यक्रम में नहीं जा पा रहे हैं, और रिश्तेदार भी उन्हें बुलाने से कतराने लगे हैं। पुलिस ने उनकी शिकायत पर समाज के चार पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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