Ujjain Borewell Tragedy Latest News: उज्जैन | उज्जैन में गुरुवार रात बोरवेल में गिरे बालक भागीरथ को काफी मशक्कत के बाद भी नहीं बचाया जा सका। लगातार रेस्क्यू के बावजूद बालक का शव 22 घंटे बाद निकाला जा सका। मामले में बड़नगर थाना पुलिस अब जांच करेगी कि बालक के बोरवेल में गिरने की वजह क्या रही। बच्चे की मौत पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ट्वीट कर के दुख जताया है। सीएमएचओ ने कहा बोरवेल में पानी में डूबने से बच्चे की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि सम्भवतः गिरने के कुछ समय बाद ही बच्चे की मौत हो गई थी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, राजस्थान के पाली जिले से चरवाहा का एक समूह भेड़ बकरी लेकर उज्जैन आया हुआ था। यहां बड़नगर तहसील के गांव झलारिया के जंगल मे सभी ठहरे हुए थे। चरवाहा के इस समूह में प्रवीण देवासी का तीन वर्षीय पुत्र भागीरथ अपनी मां के साथ था। इस दौरान उसके पिता पाली जिले में गए हुए थे। गुरुवार रात्रि करीब 8 बजे मासूम खेलता हुआ बोरवेल के पास पहुंचा और ढक्कन को हटाया व झांकने लगा। इसी दौरान वह नीचे गिर गया। बच्चे को गिरते हुए मां ने देखा तो शोर मचाया। चरवाहा समूह के अन्य लोग व ग्रामीण मोके पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई।
दो अलग-अलग ऑपरेशन शुरू किए गए थे
घटना की जानकारी लगते ही तत्काल कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा पुलिस प्रशासन के दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। रात्रि 9:00 बजे ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। यहां दो अलग-अलग ऑपरेशन शुरू किए गए। पहले ऑपरेशन के तहत बोरवेल के पैरेलल गड्ढा खोदने के लिए आधा दर्जन से अधिक पोकलेन मशीन लगाई गई। वही उज्जैन इंदौर भोपाल व हरदा जिले से NDRF व SDRF की टीम बुलाई गई।
दूसरे रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत बोरवेल में लोहे की रॉड के माध्यम से बच्चे को लिफ्ट कराया गया। यहां लिफ्ट के माध्यम से ही बच्चा बाहर लाया जा सका। बच्चे को बाहर लाते ही बड़नगर के शासकीय चिकित्सालय ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत बताया। यहां बता दें कि ग्राम झलारिया मे अय्यूब खान के खेत में बोरवेल लगा था। पुलिस अब मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगी।
CM मोहन ने जताया शोक
इस हादसे को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- “उज्जैन के बड़नगर अंतर्गत झलारिया गांव में बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय भागीरथ के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, SDERF और NDRF की टीम द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश बालक को नहीं बचाया जा सका। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। सरकार की ओर से परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दु:ख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति!”

