छुट्टियों के इस व्यस्ततम सीजन में जब देशभर के लोग अपने घर जाने या घूमने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में ट्रेनों का रद्द होना रेल यात्रियों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रहा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने एक बार फिर थोक में ट्रेनों को रद्द कर यात्रियों की परेशानी को बढ़ा दिया है।23 अप्रैल से 6 मई तक कुल 80 से अधिक ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इनमें 50 ट्रेनें पूरी तरह से रद्द, 6 ट्रेनें डायवर्ट और 28 ट्रेनें अपने निर्धारित गंतव्य से पहले समाप्त कर दी जाएंगी। पहले ही समय पर न चलने वाली ट्रेनों से परेशान यात्री अब बड़े पैमाने पर ट्रेनों के कैंसिलेशन से और अधिक संकट में आ गए हैं।
रेलवे के मुताबिक यह फैसला विभिन्न सेक्शनों में थर्ड और फोर्थ लाइन कनेक्टिविटी तथा अन्य डेवलपमेंट कार्यों के चलते लिया गया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ये कार्य आवश्यक हैं और इससे भविष्य में यात्री सुविधाओं में सुधार होगा। लेकिन यात्रियों का गुस्सा समझा जा सकता है। उनका कहना है कि रेलवे बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए मनमानी पर उतर आया है। जिन यात्रियों ने महीनों पहले टिकट बुक कर अपनी यात्रा का शेड्यूल तय किया था, अब उन्हें नए सिरे से प्लान बनाना पड़ रहा है वह भी तब जब फ्लाइट्स महंगी हैं और बस सेवाएं सीमित।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों ने कहा की रेलवे को यह कार्य साल के ऐसे समय में नहीं करना चाहिए था जब सबसे अधिक भीड़ होती है। हमारी यात्रा जरूरी थी, लेकिन अब कोई और विकल्प नहीं है। यात्रियों की मांग है कि रेलवे को इस प्रकार के कार्यों को तेज़ी से पूर्ण करना चाहिए और किसी भी कार्य के दौरान वैकल्पिक ट्रेनों या अन्य यात्रा विकल्पों की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि आम जनता को परेशानी न हो और उनका समय और पैसा दोनों बच सके।