अटारी वाघा बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का समय बदला, BSF ने 16 फरवरी से नया शेड्यूल किया लागू

अटारी वाघा बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का समय बदला, BSF ने 16 फरवरी से नया शेड्यूल किया लागू

Beating Retreat Ceremony New Schedule : अमृतसर: पंजाब के अमृतसर स्थित अटारी-वाघा बॉर्डर पर रोजाना आयोजित होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के समय में अहम बदलाव किया गया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने 16 फरवरी 2026 से इस परेड का नया समय लागू कर दिया है। अब यह समारोह शाम पांच बजे से साढ़े पांच बजे के बीच होगा, जबकि इससे पहले यह साढ़े चार से पांच बजे तक आयोजित किया जाता था।

प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण माहल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह बदलाव हर साल मौसम और दिन की रोशनी के अनुसार किया जाता है। सूर्यास्त का समय बदलने के साथ ही इस सेरेमनी का समय भी घटता-बढ़ता रहता है, क्योंकि यह परेड सूर्यास्त से ठीक पहले आयोजित की जाती है।

पर्यटकों के लिए खास अपील

BSF अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे दोपहर करीब तीन बजे तक बॉर्डर पर पहुंच जाएं। इससे प्रवेश, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी सभी औपचारिकताएं आराम से पूरी हो सकेंगी और दर्शक पूरी परेड का आनंद बिना किसी रुकावट के ले सकेंगे।

यह समारोह देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। रोजाना हजारों की संख्या में लोग इस अनूठी सैन्य परेड को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं। सीमा सुरक्षा बल के जवान इसमें सैन्य शौर्य, अनुशासन और देशभक्ति का जबरदस्त प्रदर्शन करते हैं।

गेट बंद, हाथ मिलाने की परंपरा स्थगित

यह परेड हर शाम दोनों देशों के सैनिकों द्वारा धमाकेदार तरीके से शुरू होती है और भारत तथा पाकिस्तान के झंडों को पूरी तरह समन्वित ढंग से नीचे उतारने के साथ समाप्त होती है। भारत की ओर से सीमा सुरक्षा बल के जवान और पाकिस्तानी रेंजर्स अपनी-अपनी परेड का प्रदर्शन करते हैं।

हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के बाद से दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के कारण अब सीमा पर गेट बंद रखे जाते हैं। दोनों देशों के जवान अब हाथ भी नहीं मिलाते, जो पहले इस सेरेमनी का एक अहम हिस्सा हुआ करता था।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 12 दिन बंद रही थी सेरेमनी

अटारी-वाघा बॉर्डर पर होने वाली यह रिट्रीट सेरेमनी 1959 से शुरू हुई थी और दोनों देशों के सैनिकों की जोशीली परेड के कारण यह दुनियाभर में प्रसिद्ध है। लेकिन पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद जब भारत ने 6 मई की देर रात पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, तब दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।

उस समय इस सेरेमनी को स्थगित कर दिया गया था। करीब 12 दिन बाद 20 मई 2025 को सीमा सुरक्षा बल ने इस कार्यक्रम को फिर से आम जनता के लिए खोल दिया था। तब से यह परेड नियमित रूप से जारी है, हालांकि पहले जैसी सौहार्दपूर्ण औपचारिकताएं अब नहीं होतीं।


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