Raipur Bus Theft Case रायपुर। राजधानी रायपुर के भाठागांव अंतरराज्यीय बस स्टैंड से बस चोरी करने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बस स्टैंड में हेल्पर का काम करता था और उसे पहले से पता था कि कई चालक बस की चाबी सीट के नीचे छिपाकर रखते हैं। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने बस चोरी की वारदात को अंजाम दिया और बस लेकर फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक यह घटना 6 मार्च की रात की है। बस मालिक अब्दुल अलीम ने बताया कि उनके चालक ने रात करीब साढ़े सात बजे बस स्टैंड में बस खड़ी की थी। इसके बाद चालक ने हमेशा की तरह बस की चाबी ड्राइवर सीट के नीचे छिपाकर रख दी और अपने घर चला गया। अगले दिन सुबह जब वह वापस लौटा तो बस स्टैंड से बस गायब मिली। इसके बाद मामले की शिकायत टिकरापारा थाना में दर्ज कराई गई।
बस चोरी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और बस स्टैंड के सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ फास्टैग की लोकेशन को ट्रेस किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की टीम ने आरोपी मनबोध रात्रे उर्फ टेटू को पकड़ लिया। आरोपी मूल रूप से कोरबा का रहने वाला बताया जा रहा है और उसे अकलतरा क्षेत्र के ग्राम तरौंद से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी बस चोरी करने के बाद उसे लेकर जांजगीर की ओर भाग गया था। हैरानी की बात यह है कि फरार होने के बाद भी वह उसी बस से यात्रियों को ढो रहा था। पुलिस की टीम को सूचना मिलने पर घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और बस भी बरामद कर ली गई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से बस स्टैंड में हेल्पर का काम करता था और उसे ड्राइवरों की आदतों की अच्छी जानकारी थी। उसने बताया कि कई चालक बस की चाबी सीट के नीचे ही रख देते हैं। घटना वाली रात बस स्टैंड में सन्नाटा देखकर उसने मौका देखा और चाबी उठाकर बस लेकर फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 10 लाख रुपये कीमत की बस बरामद कर ली है। हालांकि इस मामले में एक और दिलचस्प तथ्य सामने आया है। जब बस मालिक ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी, तब उन्होंने बस की कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई थी। लेकिन बस बरामद होने के बाद इसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। कीमत में आए इस बड़े अंतर को लेकर शिकायत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और मामले की जांच जारी है।

