रायपुर। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर, डोंगरगढ़ के समग्र विकास की महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्ण हो चुकी है। इस परियोजना के लिए पर्यटन मंत्रालय द्वारा 48 करोड़ 43 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसके अंतर्गत श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक कार्य किए गए हैं।
परियोजना के तहत माँ बम्लेश्वरी पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक जाने वाली सीढ़ियों का जीर्णोद्धार किया गया है। साथ ही सीढ़ियों पर शेड, रेलिंग, पेयजल सुविधा, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं विकसित की गई हैं। पहाड़ी के नीचे स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण किया गया है, वहीं श्रद्धालुओं के लिए शॉप्स, पार्किंग और पूरे परिसर में दिशा-सूचक साइनेज लगाए गए हैं।
प्रज्ञागिरि परिसर में ध्यान केंद्र, कैफेटेरिया, पार्किंग सुविधा, सीढ़ियों का जीर्णोद्धार, सोलर लाइटिंग और पेयजल व्यवस्था का निर्माण कार्य भी किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शांत और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 9.5 एकड़ क्षेत्र में एक भव्य पर्यटक सुविधा केंद्र का निर्माण किया गया है, जिसका आकार श्रीयंत्र के स्वरूप में विकसित किया गया है। इस केंद्र में ध्यान केंद्र, विश्राम कक्ष, प्रसाद कक्ष, सत्संग कक्ष, सांस्कृतिक मंच, क्लॉक रूम, पेयजल, शौचालय, लैंडस्केपिंग, सोलर प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और भव्य प्रवेश द्वार जैसी सुविधाएं शामिल हैं। निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, केवल कुछ फिनिशिंग कार्य शेष हैं।
परियोजना की निगरानी के लिए निगरानी समिति और दिशा समिति का गठन किया गया है, जो समय-समय पर कार्यों की समीक्षा कर रही है। नियमानुसार श्रमिकों को भुगतान किया जा रहा है। निर्माण कार्य छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की अनुबंधित एजेंसी टीसीआईएल द्वारा कराया गया है, जो भारत सरकार के दूरसंचार मंत्रालय से संबद्ध संस्था है।
इस परियोजना के पूर्ण होने से माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और डोंगरगढ़ धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा।
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