छत्तीसगढ़ विधानसभा में गरमाया माहौल, इन दो दिग्गज विधायकों के बीच तीखी बहस, सभापति ने दी सख्त नसीहत

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गरमाया माहौल, इन दो दिग्गज विधायकों के बीच तीखी बहस, सभापति ने दी सख्त नसीहत

Chhattisgarh Vidhansabha Budget Session 2026 : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन का माहौल उस समय गरमा गया जब दो विधायकों के बीच तीखी बहस ने कार्यवाही को बाधित कर दिया। रायपुर में चल रहे सत्र के दौरान एक मुद्दे पर विधायक सुशांत शुक्ला और अटल श्रीवास्तव आमने-सामने आ गए। बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच तू-तड़ाक की स्थिति बन गई, जिससे सदन की गरिमा पर सवाल खड़े हो गए। तीखी भाषा के इस्तेमाल पर सुशांत शुक्ला ने कड़ा विरोध जताया, वहीं इस पूरे घटनाक्रम से सभापति ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सदस्यों को संयम और संसदीय मर्यादा बनाए रखने की नसीहत देते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।

बजट सत्र के चौथे दिन कस्टोडियल डेथ का मुद्दा भी सदन में जोरदार तरीके से उठा। प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक राज्य की जेलों में हुई मौतों का मामला उठाया। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि उक्त अवधि में 66 बंदियों की मृत्यु हुई है।

शून्यकाल में धान खरीदी को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। विधायक उमेश पटेल ने दावा किया कि पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी नहीं की गई और करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित है। इस दौरान भूपेश बघेल ने अधिकारियों द्वारा उनके खेत परिसर में प्रवेश किए जाने पर भी सवाल उठाए।

स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा बजट सत्र के चलते नहीं हो सकी, जिसके बाद नाराज विपक्षी विधायक गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। सदन की परंपरा के अनुसार गर्भगृह में प्रवेश करने वाले विधायकों को निलंबित कर दिया गया। पूरे घटनाक्रम के चलते सदन में दिनभर राजनीतिक तनाव का माहौल बना रहा।

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