Chhattisgarh Patan News: पाटन। सेन समाज पाटन ब्लॉक द्वारा सेन जी महाराज की 726वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वामी आत्मानंद ऑडिटोरियम पाटन में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत समाज की मातृशक्तियों द्वारा भव्य कलश शोभायात्रा निकालकर की गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि सेन समाज का सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सेन समाज को सबसे विश्वासपात्र समाज माना जाता है और यह समाज सेवा तथा विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पहले के समय में रिश्ते तय कराने से लेकर मांगलिक कार्यों तक में सेन समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी।
उन्होंने कहा कि बदलते दौर में समाज को शिक्षा और आधुनिकता के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। पारंपरिक व्यवसाय के साथ-साथ अन्य रोजगार के साधनों को अपनाना भी जरूरी हो गया है। आज के समय में व्यक्ति की पहचान उसकी आर्थिक स्थिति से होने लगी है, जबकि पहले व्यवहार और संस्कार को अधिक महत्व दिया जाता था। समाज में वास्तविक परिवर्तन केवल शिक्षा के माध्यम से ही संभव है।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र के मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने भी समाज में शिक्षा और संस्कार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक दौर के अनुरूप पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने तथा समाज में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
विशेष अतिथि विधायक रिंकेश सेन ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी और प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करें और उन्हें अपनी परंपराओं व संस्कृति से भी जोड़े रखें।
मंच पर नगर पंचायत पाटन अध्यक्ष योगेश निक्की भाले, जनपद अध्यक्ष कीर्ति नायक सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण एवं मांग पत्र का वाचन सेन समाज पाटन ब्लॉक के अध्यक्ष नरेश श्रीवास ने किया, जबकि मंच संचालन जनार्दन सेन ने किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू, नारद सेन, महेंद्र वर्मा, महेश श्रीवास, नेतराम सेन, दीप्ति श्रीवास, रानी कौशिक, ओमिन सेन, रामजी कौशिक, सुनील सेन, सुमन कौशिक, सुनीता सेन, यशवंत सेन, भागवत सेन, सुनील सेन, गोदावरी कौशिक, रानी सेन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

