Veer Budhu Bhagat Jayanti रायपुर। जशपुर जिले के डांडटोली में कोल विद्रोह के महानायक और अमर शहीद वीर बुधु भगत की 234वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उरांव समाज के लिए निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया और उपस्थित जनसमूह को शुभकामनाएं दीं।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि वीर बुधु भगत ने जनजातीय अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका जीवन संघर्ष, साहस और संगठन शक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास के संरक्षण और नई पीढ़ी तक उसके प्रसार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मंत्री ने कहा कि वीर बुधु भगत का बलिदान अन्याय और शोषण के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े रहने की प्रेरणा देता है। उनका संघर्ष केवल इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक है।
उल्लेखनीय है कि वीर बुधु भगत उरांव समुदाय से थे और 19वीं शताब्दी के प्रारंभिक दौर में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले प्रमुख जनजातीय क्रांतिकारी थे। उन्होंने 1831-32 के कोल विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों, अत्यधिक कर वसूली तथा स्थानीय शोषण के खिलाफ जनजागरण किया। 13 फरवरी 1832 को संघर्ष के दौरान वे वीरगति को प्राप्त हुए।
समारोह में जनप्रतिनिधियों, समाज के वरिष्ठजनों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने अमर शहीद वीर बुधु भगत को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

