Tariff War: भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते टैरिफ वॉर के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ कहा है कि भारत किसी भी हाल में अपने किसानों, छोटे उत्पादकों और ऊर्जा हितों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिका को दो टूक कहा – “अगर आपको भारत से तेल या रिफाइंड उत्पाद खरीदने में समस्या है, तो मत खरीदिए। कोई आपको मजबूर नहीं कर रहा है।”
भारत की ‘रेड लाइन’ तय
इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता जारी है, लेकिन भारत की अपनी रेड लाइन्स हैं। उन्होंने कहा – “हमारे लिए किसानों और छोटे उत्पादकों के हित सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक मुद्दा भी हैं। इनसे किसी भी हाल में समझौता नहीं होगा।”
रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका की आपत्ति
हाल ही में अमेरिका ने भारत पर आरोप लगाया कि वह रूस से सस्ता तेल खरीदकर अन्य देशों को बेच रहा है। इस पर जयशंकर ने पलटवार करते हुए कहा – “भारत रूस से तेल इसलिए खरीद रहा है ताकि कीमतें स्थिर रहें। यह न सिर्फ भारत बल्कि वैश्विक हित में भी है।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत से ज्यादा तो यूरोप रूस से व्यापार करता है, लेकिन आलोचना केवल भारत की होती है।
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ट्रंप प्रशासन पर निशाना
जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की शैली पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने विदेश नीति को बहुत पब्लिक कर दिया है, जो पहले कभी देखने को नहीं मिला था। यह बदलाव पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है।
27 अगस्त से लागू होंगे नए टैरिफ
अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का ऐलान किया है, जो 27 अगस्त से लागू होंगे। जयशंकर ने साफ कर दिया कि भारत स्वतंत्र रूप से अपने फैसले लेगा और किसी दबाव में नहीं आएगा।