‘विकसित भारत 2047 की दिशा में मजबूत कदम’, बजट 2026-27 को लेकर योगेश निक्की भाले का बयान

‘विकसित भारत 2047 की दिशा में मजबूत कदम’, बजट 2026-27 को लेकर योगेश निक्की भाले का बयान

पाटन/दुर्ग। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026-27 का नगर पंचायत पाटन के अध्यक्ष योगेश निक्की भाले ने जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने इसे “सर्वजन सुखाय, बहुजन हिताय” की भावना से प्रेरित बजट बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया।

योगेश निक्की भाले ने कहा कि यह बजट समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की स्पष्ट सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 अंत्योदय की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

उन्होंने बताया कि बजट में घोषित ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज अभियान’ ग्रामीण भारत के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस अभियान से खादी, हैंडलूम, हस्तशिल्प और बुनकर समुदाय को सीधा लाभ मिलेगा। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को वैश्विक बाजार से जोड़ने और उनके उत्पादों की ब्रांडिंग को मजबूती मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर बनेगी।

बजट की प्रमुख घोषणाओं पर प्रकाश डालते हुए भाले ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए TCS की दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है, जो छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लिए ऐतिहासिक निर्णय है। ग्रामीण महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘SHE-मार्ट्स’ की स्थापना की घोषणा से महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से देश तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। वहीं ‘दिव्यांगजन कौशल’ और ‘सहारा योजना’ के जरिए दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास सराहनीय है। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय हब स्थापित करने की घोषणा से भारत वैश्विक मेडिकल हब के रूप में उभरेगा।

एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देते हुए TREDS के माध्यम से 7 लाख करोड़ रुपये की फंडिंग और सरकारी खरीद के लिए GeM पोर्टल के विस्तार को भी उन्होंने ऐतिहासिक बताया।

राज्यों को मिलने वाले वित्तीय हिस्से पर संतोष व्यक्त करते हुए योगेश निक्की भाले ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप राज्यों को 41 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनाए रखना संघीय ढांचे को मजबूत करता है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये का आवंटन विकास कार्यों को गति देगा।

अंत में उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लगातार रिकॉर्ड बजट पेश करने पर बधाई देते हुए कहा कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को पूरा करने वाला एक ठोस ब्लूप्रिंट है। इसमें पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन विकास और आधुनिक तकनीक जैसे एआई टूल्स का संतुलित समावेश देश को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।


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