विजयवाड़ा में बोले चंद्रबाबू नायडू, पेशेवर और राजनीतिक मीडिया में फर्क जरूरी, पक्षपाती पत्रकारिता लोकतंत्र के लिए खतरनाक

विजयवाड़ा में बोले चंद्रबाबू नायडू, पेशेवर और राजनीतिक मीडिया में फर्क जरूरी, पक्षपाती पत्रकारिता लोकतंत्र के लिए खतरनाक

Chandrababu Naidu Media Statement News विजयवाड़ा में आयोजित इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (IJU) के 11वें पूर्ण सत्र में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर चिंता जताते हुए कहा कि मीडिया का एक वर्ग पक्षपाती होता जा रहा है, जो समाज और लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेशेवर मीडिया और राजनीतिक मीडिया के बीच अंतर करना जरूरी है और मीडिया संस्थानों का स्वामित्व राजनेताओं के हाथों में होना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारिता अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आपातकाल और बोफोर्स जैसे ऐतिहासिक मामलों में मीडिया की भूमिका को याद करते हुए कहा कि पत्रकारिता ने कई महत्वपूर्ण अवसरों पर लोकतंत्र की रक्षा की है। उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए अमरावती में ‘आंध्र प्रदेश यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स’ के कार्यालय के लिए भूमि आवंटन की बात भी कही। साथ ही उन्होंने अमरावती को अत्याधुनिक तकनीक से लैस ‘ग्रीनफील्ड सिटी’ के रूप में विकसित करने की अपनी योजना को दोहराया।

इस अवसर पर IJU के अध्यक्ष के. श्रीनिवास रेड्डी ने वर्किंग जर्नलिस्ट्स एक्ट को बहाल करने, नए वेतन बोर्ड के गठन और मीडिया की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए नए कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के वेतन में लंबे समय से कोई संशोधन नहीं हुआ है और उनकी स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। IJU के महासचिव बलविंदर सिंह जम्मू ने देशभर में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों और असहिष्णुता पर चिंता जताई।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और पारंपरिक मीडिया पर उसके दबाव का भी जिक्र किया। सोशल मीडिया के अनियंत्रित विस्तार पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे संतुलित और जिम्मेदार बनाने की आवश्यकता बताई गई। वरिष्ठ पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने भी स्वतंत्र और विश्वसनीय पत्रकारिता को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए इसे सशक्त बनाने पर जोर दिया।

तीन दिवसीय इस सम्मेलन में देशभर के 20 से अधिक राज्यों से लगभग 300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान दिवंगत वरिष्ठ पत्रकारों को श्रद्धांजलि दी गई और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन हुआ, जिसमें कलाकारों ने देशभक्ति गीतों और प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बना दिया।


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