रायपुर की एनडीपीएस कोर्ट ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में 6 आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामला दिसंबर 2024 का है। रायपुर पुलिस ने कालीबाड़ी चौक क्षेत्र से 3 युवकों को गांजा बेचते गिरफ्तार किया था।
तीनों के कब्जे से कुल 10 किलो गांजा बरामद हुआ था। तीनों आरोपियों के पास गांजा रखने का कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। पूछताछ में सामने आया कि था कि तस्कर रवि साहू इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। इस मामले में कोर्ट ने सजा सुनाई है।
अब जानिए पूरा मामला
न्यायधीश किरण थवाईत ने यह फैसला पुलिस की सशक्त विवेचना, बरामदगी और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर दिया। विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू ने बताया कि 7 दिसंबर 2024 को थाना कोतवाली रायपुर के सहायक उपनिरीक्षक को मुखबिर से सूचना मिली कि कालीबाड़ी चौक क्षेत्र में तीन युवक बैग में गांजा रखकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं।
सूचना को रोजनामचा में दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गणेश बागर्ती, विक्रम शाह और अनिल उर्फ अली जुल्फेकार को पकड़ा। तलाशी के दौरान गणेश बागर्ती से 4 किलो, विक्रम शाह से 4 किलो और अनिल उर्फ अली से 2 किलो गांजा मिला।
इस तरह कुल 10 किलो गांजा बरामद किया गया। तीनों आरोपियों के पास गांजा रखने का कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला।
जांच में जुड़े नए नाम
आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर पुलिस ने प्रियवंत कुम्हार को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 6 किलो 800 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद जांच में गांजा सप्लाई चेन का खुलासा हुआ। पूछताछ में सामने आया कि रवि साहू इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
रवि साहू से 1 किलो 2 ग्राम गांजा बरामद किया गया। वहीं, संजय उर्फ लेंडी को गांजा सप्लाई और बिक्री में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। एफएसएल रायपुर की रिपोर्ट में सभी जब्त सैंपल गांजा (पॉजिटिव) पाए गए।
कोर्ट का सख्त फैसला
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 20(बी) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पत्र पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने गणेश बागर्ती, विक्रम शाह, अनिल उर्फ अली जुल्फेकार, प्रियवंत कुम्हार, रवि साहू और संजय उर्फ लेंडी को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई।
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