साइंस वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता 4.0 का भव्य आयोजन, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट वैज्ञानिक प्रतिभा का किया प्रदर्शन

साइंस वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता 4.0 का भव्य आयोजन, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट वैज्ञानिक प्रतिभा का किया प्रदर्शन

कालींगा विश्वविद्यालय द्वारा साइंस वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता 4.0 का भव्य आयोजन 22 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय को नवाचार, शोध संस्कृति और समग्र छात्र विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में पुनर्स्थापित किया। 40 से अधिक स्कूलों की भागीदारी, 80 कार्यशील मॉडल, 400+ छात्र प्रतिभागी और 450+ आगंतुकों की उपस्थिति ने उत्साह, जिज्ञासा और वैज्ञानिक ऊर्जा से भरा हुआ वातावरण निर्मित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीयक डॉ. संदीप गांधी द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों की मौलिकता, शोध दृष्टिकोण और वैज्ञानिक सोच की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले नवोन्मेषी, भविष्य उन्मुख विचार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। मॉडलों का मूल्यांकन एक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. बेन्दी अंजनयुलु, उप-डीन (शैक्षणिक कार्य) एवं प्रभारी डीन, विज्ञान संकाय, कालींगा विश्वविद्यालय— 18+ वर्षों का अनुभव, 100+ शोध प्रकाशन और अनेक पेटेंट के साथ अत्यंत प्रतिष्ठित शिक्षाविद् शामिल थे।

प्रदर्शनी में नवीकरणीय ऊर्जा, सतत तकनीक, ऑटोमेशन, महिला एवं बाल स्वच्छता, सुरक्षा प्रणालियाँ तथा अनुप्रयुक्त विज्ञान पर आधारित उल्लेखनीय नवाचारों को प्रस्तुत किया गया, जिसे सभी आगंतुकों से व्यापक सराहना मिली। छात्रों ने विश्वविद्यालय के सहयोगी वातावरण, उन्नत सुविधाओं और उत्कृष्ट आतिथ्य के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। कई विद्यार्थियों ने कहा— “कालींगा विश्वविद्यालय ने हमें अपने विचार प्रदर्शित करने का सर्वश्रेष्ठ मंच दिया।” “हमने यहाँ सम्मान और प्रेरणा महसूस की—यह अनुभव हमें और बड़ा सोचने के लिए प्रेरित करता है।


डॉ. सुषमा दुबे, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, बायोटेक्नोलॉजी विभाग, कालींगा विश्वविद्याल— 18 वर्षों का शिक्षण एवं शोध अनुभव, 65 प्रकाशन, 3 पेटेंट, प्रमुख वित्तपोषित परियोजनाएँ और बायोटेक्नोलॉजी विस्तार में उल्लेखनीय योगदान। डॉ. प्रीति पांडे, एसोसिएट प्रोफेसर, रसायन विभाग एवं पीएच.डी. धारक — 13 वर्षों का शिक्षण अनुभव, अनेक कार्यशालाओं/वेबिनार/अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन, मखाना एवं मशरूम पर वित्तपोषित परियोजनाएँ, NABARD सलाहकार, उद्यमिता विकास की प्रमाणित प्रशिक्षक, अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं की संपादकीय बोर्ड सदस्य तथा विश्वविद्यालय के ग्रीन हाउस, वर्मी-कम्पोस्ट, मशरूम एवं मखाना इकाइयों की प्रमुख स्थापक।

डॉ. आलोक वर्मा, सहायक प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग, कालींगा विश्वविद्यालय — 15+ वर्षों का अनुभव, 80+ शोध पत्र, 10 पुस्तकें, 17 पुस्तक अध्याय, सामग्री विज्ञान एवं सैद्धांतिक भौतिकी में महत्वपूर्ण योगदान, तथा देशभर में विज्ञान प्रदर्शनी के सम्मानित निर्णायक। इन सभी विशेषज्ञों के सामूहिक अनुभव ने मूल्यांकन प्रक्रिया को अत्यंत निष्पक्ष, प्रभावी एवं शैक्षणिक रूप से समृद्ध बनाया।


पुरस्कार प्राप्त मॉडल इस प्रकार रहे— “Grow Your Microgreens” – कृष्णा पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल (लक्ष्मी सेन, सानिध्य नायक) आउट ऑफ द बॉक्स थिंकर अवार्ड – ₹5000 “Desktop Assistant” – भारत माता स्कूल, नया रायपुर (आशीष) क्यूरियस माइंड अवार्ड – ₹5000 “Harmless Solar Energy” – आदर्श इंटरनेशनल, नया रायपुर (ऋषभ देशमुख, मयंक शर्मा, प्रिंसी बर्हेल, मेनका साहू, हिमानी धुर्व) बेस्ट यूज़ ऑफ साइंटिफिक प्रिंसिपल्स अवार्ड – ₹5000 “Power Rakshak” – जे.बी. पब्लिक स्कूल (पुरब निषाद, लक्की धु्र्व, पुष्कर वर्मा) मोस्ट प्रॉमिसिंग इनोवेटर्स अवार्ड – ₹5000 “Floease” – संत ज्ञानेश्वर विद्यालय (पुर्वी साहू, गुरवंश साहू, वर्षा परीडा) बेस्ट क्राफ्ट्समैनशिप अवार्ड – ₹5000 “ReHume Gen” – न्यूवोको पब्लिक स्कूल, बिलासपुर (सैयद काशिफ अली) बेस्ट आइडिया इन एक्शन अवार्ड – ₹10,000 “Solar Sanitation Kit for Women & Child Hygiene” – होली क्रॉस कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल (शौर्य सिंह, प्रियांशु सिंह) यंग इन्वेंटर अवार्ड – ₹12,000 “Smart and Secure Multimedia ATM” – दवारा इंटरनेशनल स्कूल, अभनपुर (प्रियांशु निर्मलकर, पीयूष प्रजापति, पूर्वा टंडन, श्रेया रितेश सोनवानी) साइंस जीनियस अवार्ड – ₹15,000 कार्यक्रम का संचालन स्नेहशिष सरकार एवं सुश्री सुमिरा मदन, सहायक प्रोफेसर (अंग्रेज़ी) द्वारा अत्यंत सौंदर्यपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से किया गया।

आगंतुकों एवं शिक्षकों ने भी आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था, छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण और शैक्षणिक गंभीरता की प्रशंसा करते हुए इसे “राज्य की सर्वश्रेष्ठ स्कूल-स्तरीय नवाचार प्रदर्शनी में से एक” बताया। साइंस वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता 4.0 की सफलता कालींगा विश्वविद्यालय की युवा प्रतिभाओं के संवर्धन, शोध संस्कृति के विकास और भविष्य के वैज्ञानिक नवाचार को प्रोत्साहित करने की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो इसे उत्कृष्टता, विकास और सामाजिक प्रगति के प्रति समर्पित विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करती है।


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