Professor Exam 2021 रायपुर। राज्य में प्राध्यापक (उच्च शिक्षा) परीक्षा–2021 के अंतर्गत 595 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने 35 अभ्यर्थियों की शैक्षणिक अर्हता की जांच के लिए उच्च स्तरीय विषय-विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और प्रमाण-पत्रों की गहन समीक्षा कर अंतिम पात्रता का निर्धारण करेगी।
इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर 35 अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यताओं की विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का अनुरोध किया था। आयोग ने 4 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठक में निर्णय लिया था कि दस्तावेज सत्यापन के दौरान उत्कृष्ट प्राध्यापक पद हेतु आवेदन करने वाले इन अभ्यर्थियों के अभिलेखों का विशेषज्ञ स्तर पर परीक्षण आवश्यक है।
मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार चयन प्रक्रिया को यूजीसी विनियम 2018 के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है। विज्ञापन की कंडिका 6 (2) (iv) (ख) के संदर्भ में विभिन्न विषयों के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी।
गठित समिति में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्राध्यापकों को शामिल किया गया है। समिति के संयोजक के रूप में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर ओम प्रकाश व्यास को नियुक्त किया गया है। सदस्य के रूप में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के डॉ. एस.एस. संधु और डॉ. विवेक मिश्रा, बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के डॉ. पवन मिश्रा, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ. अवनीश कुमार, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के डॉ. एन.पी. पाठक तथा आरटीएम नागपुर विश्वविद्यालय के डॉ. नंद किशोर कराडे को शामिल किया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग की इस पहल को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समिति की जांच के बाद योग्य अभ्यर्थियों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिससे राज्य के महाविद्यालयों में रिक्त पद शीघ्र भरे जा सकें और शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिल सके।

