राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और जगदलपुर में रविवार को हुए दो अलग-अलग हादसों में पांच बच्चों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। पहली घटना मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के अंबागढ़ चौकी थाना क्षेत्र में हुई, जहाँ तीन बच्चे तालाब में नहाते समय गहरे पानी में डूब गए।
दूसरी घटना जगदलपुर के परपा थाना क्षेत्र में हुई, जहाँ पत्थर खदान के गड्ढे में दो मासूम बच्चे डूब गए। दोनों ही घटनाओं ने स्थानीय समुदाय को गहरे शोक में डुबो दिया है, और पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के गाँव में रविवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, नव्यांश, लक्ष्य साहू और खेमांशु, जो रविवार की छुट्टी के दिन घर के बाहर खेल रहे थे, गाँव के कर्मा मंदिर के पास बने नए तालाब में नहाने चले गए। उनके माता-पिता उस समय खेत में काम कर रहे थे। नहाते समय तीनों बच्चे तालाब के गहरे हिस्से में चले गए, जहाँ पानी की गहराई के कारण वे डूब गए। जब बच्चे देर तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
तालाब के किनारे बच्चों के कपड़े और चप्पलें मिलने के बाद ग्रामीणों ने तालाब में खोजबीन शुरू की। देर शाम तक कड़ी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव निकाले गए। ग्रामीणों के अनुसार, ये तीनों बच्चे आसपास के ही रहने वाले थे और आपस में दोस्त थे।
घटना की सूचना मिलते ही अंबागढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, शवों का पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों में इस हादसे को लेकर गहरा शोक है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Read More : शिबू सोरेन का निधन, झारखंड के पूर्व CM ‘दिशोम गुरु’ ने 81 की उम्र में छोड़ी दुनिया
जगदलपुर में पत्थर खदान हादसा
दूसरी ओर, जगदलपुर के परपा थाना क्षेत्र के हजारी गुड़ा गाँव में एक और दर्दनाक हादसा हुआ। यहाँ पत्थर खदान के गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों, संदीप नाग (5 वर्ष) और जयश्री (6 वर्ष), की मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों बच्चे खेलते-खेलते खदान के पास पहुंच गए थे। गहराई का अंदाज़ा न लग पाने के कारण उनका पैर फिसला और वे पानी में गिर गए। मदद मिलने से पहले ही दोनों की जान चली गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और एसडीआरएफ को सूचित किया। एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और दोनों बच्चों के शव निकाले। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जगदलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे खतरनाक खदान क्षेत्र तक कैसे पहुंचे। इस हादसे ने गाँव में मातम का माहौल पैदा कर दिया है।
इन घटनाओं ने छत्तीसगढ़ में जलाशयों और खदानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की कमी को फिर से उजागर किया है। प्रशासन और स्थानीय लोगों से ऐसी जगहों पर सावधानी बरतने और सुरक्षा उपायों को लागू करने की मांग उठ रही है। पुलिस दोनों मामलों की गहन जांच कर रही है।