Raipur Drug Case Verdict रायपुर। राजधानी रायपुर में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के मामलों में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को सजा सुनाई है। पहले मामले में एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने गांजा तस्करी के आरोप में दो आरोपियों को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे मामले में एनडीपीएस एक्ट की विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत की अदालत ने नशीली टैबलेट बेचने के एक आरोपी को 3 साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पहला मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। जांच अधिकारी दिव्या शर्मा के अनुसार 30 मई 2021 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि केनाल रोड स्थित श्याम नगर इलाके में एक कार में सवार तीन युवक गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध कार को रोक लिया। कार में मनीष सिंह, निखिल यादव और जितेंद्र दास सवार थे। पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपियों और वाहन की तलाशी ली, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। विशेष लोक अभियोजक केके चन्द्राकर ने बताया कि विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 15-15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
इसी तरह एक अन्य मामले में एनडीपीएस कोर्ट ने नशीली टैबलेट बेचने के आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए 3 साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू ने बताया कि 16 मार्च 2021 को कोतवाली थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक नशीला पदार्थ लेकर घूम रहा है। पुलिस ने जांच के बाद 30 अप्रैल 2021 को मामले में कोर्ट में चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए उसे 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत के इन फैसलों को नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

