Patan Electricity Bill Settlement Scheme News पाटन संभाग में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है, जहां सक्रिय उपभोक्ताओं ने उत्साह दिखाते हुए लगभग 90 प्रतिशत तक पंजीयन करा लिया है। वहीं निष्क्रिय उपभोक्ता अब भी शिविरों से दूरी बनाए हुए हैं, जिससे विभाग को वसूली में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पाटन, अमलेश्वर, जामगांव एम, रानीतराई, सेलुद, गाड़ाडीह और जामगांव आर सहित सात वितरण केंद्रों में 1965 निष्क्रिय उपभोक्ताओं पर 84 लाख 52 हजार रुपये का बकाया है। योजना के तहत इन्हें 52 लाख 21 हजार रुपये तक की छूट मिल सकती है, जिससे उन्हें केवल 32 लाख 30 हजार रुपये का भुगतान करना होगा, बावजूद इसके ये उपभोक्ता शिविरों तक नहीं पहुंच रहे हैं।
विभाग द्वारा लगाए गए 16 शिविरों और व्यापक प्रचार-प्रसार के बाद भी निष्क्रिय उपभोक्ताओं की उदासीनता बनी हुई है, हालांकि विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को योजना की जानकारी दे रही है और लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रही है। दूसरी ओर, सक्रिय उपभोक्ताओं में योजना को लेकर अच्छा प्रतिसाद मिला है, जहां 235 में से 212 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कर लिया है। इन पर 8 लाख 55 हजार रुपये का बकाया है, जिसमें उन्हें 2 लाख 33 हजार रुपये की छूट मिलेगी। विभाग का लक्ष्य जल्द ही शत-प्रतिशत वसूली हासिल करना है।
कार्यपालन अभियंता बी.पी. दीपक के अनुसार, योजना के तहत सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक और मूल राशि में 50 से 75 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जिसका लाभ जून 2026 तक लिया जा सकता है। इसके अलावा पाटन संभाग में स्मार्ट मीटरिंग का कार्य भी तेजी से हुआ है और निजी व शासकीय कार्यालयों में शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अप्रैल माह से सरकारी कार्यालयों को व्हाट्सएप के माध्यम से बिजली बिल भेजे जाएंगे। वहीं सरकारी विभागों पर 10 करोड़ 56 लाख रुपये का बकाया विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसकी वसूली के लिए प्रयास जारी हैं।

