raipur ganja smuggling case रायपुर। राजधानी रायपुर को नशा मुक्त बनाने की दिशा में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी अंतरराज्यीय कार्रवाई को अंजाम दिया है। रायपुर पुलिस की विशेष टीम ने पड़ोसी राज्य ओडिशा के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी कर गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह विशेष अभियान लगातार 48 घंटे तक चला, जिसे पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों में परमानंद रावण, पिंटू प्रधान, चंद्रशेखर पटवा, घनश्याम गढ़ातिया, जगबंधु सुनानी, प्रमोद महानंद, भागवत साहू, रंजीत डिगल और लक्ष्मीधर बेहरा शामिल हैं। इस पूरी कार्रवाई को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम काम्बले के मार्गदर्शन में एसीसीयू, एएनटीएफ और स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
क्राइम एसीपी डॉ. नरेश पटेल के नेतृत्व में 50 सदस्यीय टीम ने ओडिशा के बरगढ़, बलांगीर, टिटलागढ़, बौध और कंधमाल जिलों में एक साथ दबिश दी। पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद छह अलग-अलग मामलों में इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आठ ओडिशा के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी महाराष्ट्र का रहने वाला है।
इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 11 लाख 45 हजार रुपए का मशरुका जब्त किया है। जब्त सामग्री में करीब 9.5 किलो उच्च गुणवत्ता वाला गांजा, एक चारपहिया वाहन और छह मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क संगठित तरीके से विभिन्न राज्यों में सक्रिय था और लंबे समय से इसकी निगरानी की जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से रायपुर पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार सख्ती बरती है। अब तक 62 प्रकरणों में कुल 107 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके साथ ही लगभग 2.50 करोड़ रुपए मूल्य के मादक पदार्थ भी जब्त किए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, गुजरात और पंजाब जैसे कई राज्यों तक फैला हुआ था। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क को करारा झटका लगा है और भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा।

