महोत्सव जरूरी या संबोधन? खजुराहो में मंत्री के भाषण पर भड़के दर्शक, विदेशी पर्यटकों ने भी जताई नाराजगी, कहा- नृत्य देखने आए थे, लंबी स्पीच सुनने नहीं