उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फहराया तिरंगा, वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित कर गिनाई उपलब्धियां

उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फहराया तिरंगा, वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित कर गिनाई उपलब्धियां

Madhya Pradesh Republic Day: उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर उज्जैन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। अपने गृह नगर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए विकास और जनकल्याण का रोडमैप साझा किया। यह मुख्य आयोजन उज्जैन के ऐतिहासिक कार्तिक मेला ग्राउंड में संपन्न हुआ।

समारोह की शुरुआत सुबह करीब 8:30 बजे हुई। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्कूली छात्रों की मौजूदगी में तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के तुरंत बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की गूंज से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एक खुले वाहन में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया और वहां मौजूद जनसमूह का हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया।

साल 2026 ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित

समारोह को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाएगी। अपने संबोधन की शुरुआत ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष के साथ करते हुए उन्होंने अन्नदाताओं के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि कैसे बीते कुछ वर्षों में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बजट में यह ऐतिहासिक वृद्धि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

गौवंश संरक्षण और सामाजिक सरोकार

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने पशुधन संरक्षण पर भी बात की। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेशभर की गौशालाओं में इस समय पांच लाख से अधिक गौवंश की देखरेख की जा रही है। इसके अलावा, उन्होंने गरीब, युवा और महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का भी जिक्र किया।

सीएम ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सरकार निरंतर काम कर रही है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की मुख्यधारा से कोई भी वर्ग अछूता न रहे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश अब आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है और इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम का समापन उल्लासपूर्ण माहौल में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया।


Related Articles