MP budget 2026 For Ladli Behna: भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने लगातार छठवीं बार बजट पेश किया। 4.38 लाख करोड़ रुपये के इस महाबजट में 1,06,156 करोड़ रुपये से अधिक पूंजीगत व्यय का प्रावधान रखा गया है, जबकि 44.42 करोड़ रुपये का राजस्व आधिक्य अनुमानित है।
राज्य सरकार अपने करों से 1,17,667 करोड़ रुपये जुटाएगी। वहीं केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 1,12,137 करोड़ और केंद्रीय सहायता अनुदान के रूप में 54,505 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में न तो कोई नया टैक्स लगाया गया है और न ही मौजूदा करों में वृद्धि की गई है।
पहली बार डिजिटल बजट
प्रदेश के इतिहास में यह पहला अवसर रहा जब बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। बजट भाषण से पहले विपक्ष के ओमकार सिंह मरकाम ने आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन इसके बाद कार्यवाही सुचारु रूप से चली। करीब डेढ़ घंटे के भाषण में वित्त मंत्री ने महिलाओं, किसानों और युवाओं को केंद्र में रखा।
लाड़ली बहनों के लिए बड़ा प्रावधान
लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो बजट की सबसे बड़ी सामाजिक घोषणाओं में शामिल है।
इसके अलावा
- जी रामजी योजना के लिए 10,428 करोड़ रुपये।
- पीएम जनमन योजना के लिए 900 करोड़ रुपये।
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपये।
- श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
युवाओं और किसानों पर विशेष ध्यान
सरकार ने 1 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने की घोषणा की है। साथ ही युवाओं के लिए 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया गया है।
सड़क मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के लिए 4,454 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर बड़ा फोकस
- शिक्षा विभाग के लिए 31,953 करोड़ रुपये।
- स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 24,144 करोड़ रुपये।
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।
- पशुपालन के लिए 2,364 करोड़ रुपये।
- किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये का अल्पकालीन ऋण, जिसमें 720 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान हेतु।
- भावांतर योजना के तहत 337 करोड़ रुपये का भुगतान।
- एक लाख सोलर सिंचाई पंप वितरित किए जाएंगे।
अधोसंरचना में बड़े निवेश
- उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 1,000 करोड़ रुपये।
- इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए 2,360 करोड़ रुपये।
- जबलपुर में 350 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर निर्माण।
- मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21,630 करोड़ रुपये।
- मेट्रो रेल परियोजना के लिए 650 करोड़ रुपये।
ग्रामीण और सामाजिक योजनाएं
- ग्रामीण आबादी भूमि मालिकाना अधिकार योजना के लिए 3,800 करोड़ रुपये।
- यशोदा दुग्ध प्रधान योजना हेतु 700 करोड़ रुपये (अगले 5 वर्षों में 6,600 करोड़ का व्यय)। आठवीं तक के बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक में दूध।
- केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये।
- मुख्यमंत्री संबल योजना हेतु 950 करोड़ रुपये।
- छात्रवृत्ति (कक्षा 11-12 और कॉलेज) के लिए 813 करोड़ रुपये।
- आयुष्मान भारत योजना के लिए 863 करोड़ रुपये।
- मेधावी विद्यार्थी योजना और वेदांत पीठ स्थापना के लिए 750-750 करोड़ रुपये।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में प्रदेश का संकल्प है। कुल मिलाकर, यह बजट बिना कर वृद्धि के अधोसंरचना विस्तार, कृषि सशक्तीकरण, युवा रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के संतुलित मॉडल को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज माना जा रहा है।

