मां और बेटी को एक साथ मानद डॉक्टरेट की उपाधि! लोक गायिका पायल साहू ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का गौरव, सुशीला साहू को भी इस काम का मिला इनाम

मां और बेटी को एक साथ मानद डॉक्टरेट की उपाधि! लोक गायिका पायल साहू ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का गौरव, सुशीला साहू को भी इस काम का मिला इनाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रतिभा और सेवा भावना ने एक बार फिर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सामाजिक सेवा और लोक संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. सुशीला साहू और उनकी बेटी डॉ. पायल साहू को Magic Book of Record Foundation की ओर से Honorary Doctorate Award से सम्मानित किया गया है।

सामाजिक सेवा के लिए डॉ. सुशील साहू सम्मानित

डॉ. सुशीला साहू को सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। वे ग्राम नंदकत्थी की सरपंच के रूप में जनसेवा से जुड़ी हैं और समाज के विकास एवं जनहित के कार्यों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

लोक गायन और संस्कृति के क्षेत्र में बेटी को सम्मान

वहीं उनकी बेटी डॉ. पायल साहू को लोक गायन और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए Honorary Doctorate से सम्मानित किया गया है। लोक कला और संस्कृति के प्रति उनका समर्पण छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में योगदान दे रहा है।

दो पीढ़ियों की उपलब्धि बनी प्रेरणा

एक ही परिवार की दो पीढ़ियों का अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान और एक साथ सम्मानित होना गौरव का विषय है। मां ने समाजसेवा को अपनी कर्मभूमि बनाया, तो बेटी ने लोक गायन और संस्कृति के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

मां-बेटी की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, परिजनों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। लोगों ने दोनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


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