Kedar Kashyap Statement On Naxalism छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि प्रदेश अब भयमुक्त और शांत वातावरण की ओर बढ़ चुका है, जहां कभी दहशत का माहौल था वहां आज आम नागरिक खुलकर जीवन जी रहे हैं और विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। जगदलपुर और रायपुर प्रवास के दौरान टाटीबंध मंडल में आयोजित मन की बात कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सल समस्या से जूझने वाले क्षेत्रों में अब सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और स्थानीय लोगों की खुशी इस परिवर्तन की सच्ची गवाही दे रही है।
मंत्री कश्यप ने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र सरकार के नेतृत्व को देते हुए विशेष रूप से नरेंद्र मोदी और अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि दशकों पुरानी नक्सल समस्या का समाधान आसान नहीं था, लेकिन मजबूत नीति और सतत प्रयासों के चलते यह संभव हो पाया है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर चर्चा होना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है, जो इस बात का संकेत है कि भारत अब जटिल और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश ने हाल के वर्षों में कई ऐतिहासिक निर्णय देखे हैं, जिनमें कश्मीर से जुड़े बदलाव और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण जैसे विषय शामिल हैं, जो केंद्र सरकार की नीति और संकल्प शक्ति को दर्शाते हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ का नक्सलवाद से मुक्त होना भी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है, जिससे प्रदेश में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। मंत्री ने कहा कि लगभग 50 वर्षों की नक्सल पीड़ा से मुक्ति दिलाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन अब इसके परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केदार कश्यप ने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद से आदिवासी समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया, जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आदिवासी समाज का भरोसा भाजपा पर बढ़ा है और यही कारण है कि राजनीतिक परिदृश्य में भी बदलाव दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री कश्यप ने नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 132वां संस्करण भी सुना और इसे देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से नवाचार, सामाजिक पहल और सकारात्मक बदलावों को सामने लाया जाता है, जिससे लोगों को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कोरिया क्षेत्र में जल संरक्षण के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत जल संसाधनों के मामले में समृद्ध है, लेकिन सही प्रबंधन और संरक्षण के जरिए ही इनका बेहतर उपयोग संभव है। साथ ही, उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध जैसे चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालातों के बीच संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त विचारों को भी महत्वपूर्ण बताया।
मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद छत्तीसगढ़ अब विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसरों की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है, जिससे प्रदेश में आधारभूत ढांचे का विस्तार होगा और आने वाले समय में राज्य अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनकर उभरेगा।

