Bharatmala Project Scam रायपुर। भारतमाला सड़क निर्माण परियोजना से जुड़े बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो अहम आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अधिकारियों में शशिकांत कुर्रे (तत्कालीन तहसीलदार, अभनपुर) और लखेश्वर प्रसाद किरण (तत्कालीन नायब तहसीलदार, गोबरा नवापारा, जिला रायपुर) शामिल हैं।
ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 30/2025 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471, 420, 409, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला पंजीबद्ध है। आरोप है कि रायपुर-विशाखापट्नम और दुर्ग बायपास भारतमाला परियोजना में पद का दुरुपयोग करते हुए आरोपियों ने अपने अधीनस्थ पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों और भूमाफियाओं के साथ मिलकर कूटरचित राजस्व अभिलेख तैयार करवाए।
जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रभावित भू-स्वामियों को वास्तविक मुआवजे से कई गुना अधिक राशि दिलाई गई, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। दोनों अधिकारियों की जमानत याचिका पहले ही उच्चतम न्यायालय से निरस्त हो चुकी थी। विशेष न्यायालय ने उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा जारी की थी, जबकि कुर्की की कार्रवाई भी प्रक्रियाधीन बताई गई है।
लगातार फरार रहने के बाद 11 फरवरी 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और वित्तीय लेन-देन से संबंधित बड़े खुलासे हो सकते हैं।

