पशुधन संरक्षण से ही प्रकृति और स्वास्थ्य का संतुलन: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

पशुधन संरक्षण से ही प्रकृति और स्वास्थ्य का संतुलन: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

Chhattisgarh Raipur Latest News: रायपुर। विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में बृजमोहन अग्रवाल ने पशुधन संरक्षण, जैविक खेती और मानव स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन के संतुलन के लिए पशुओं का संरक्षण बेहद आवश्यक है।

छत्तीसगढ़ पशु चिकित्सा अधिकारी (अज-अजजा) संघ द्वारा आयोजित “पशु चिकित्सकों का मानव स्वास्थ्य एवं पोषण आहार पूर्ति में विशेष योगदान” विषयक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सांसद ने कहा कि एक समय देश में समृद्धि का आकलन पशुधन से होता था, लेकिन अब संवेदनशीलता की कमी के कारण पशुओं की संख्या तेजी से घट रही है।

उन्होंने चिंता जताई कि आज केवल सीमित किसानों के पास ही पशुधन बचा है, जबकि सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। चारे की कमी के चलते पशु कचरे में प्लास्टिक खाने को मजबूर हैं, जो गंभीर समस्या है। उन्होंने हर जिले और ब्लॉक में पशु एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई ताकि समय पर उपचार मिल सके।

बृजमोहन अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके खेतों में 90 गायें हैं और वे गोबर व गौमूत्र आधारित जैविक खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके यहां उत्पादित अनाज, सब्जियां और फल पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से उगाए जाते हैं, जो बेहतर स्वास्थ्य का आधार हैं।

सांसद ने कहा कि पशुओं की संख्या घटने से प्रकृति का संतुलन बिगड़ सकता है और प्राकृतिक आपदाएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने पशु चिकित्सकों से अपील की कि वे इलाज के साथ-साथ समाज में जागरूकता भी फैलाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाएं।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने आयोजन के लिए संघ को बधाई देते हुए कहा कि पशुओं का संरक्षण ही मानव स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।


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