Khelo India Tribal Games 2026 रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का समापन भव्य समारोह के साथ हुआ, जिसमें विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के पदक विजेताओं के लिए आकर्षक नकद पुरस्कारों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता देगी, यहां तक कि ओलंपिक तक पहुंचने वाले खिलाड़ियों को विशेष आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 2 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 1.5 लाख रुपये और कांस्य पदक जीतने वालों को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मेजबान छत्तीसगढ़ ने प्रतियोगिता में 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों के साथ पदक तालिका में नौवां स्थान हासिल किया। इस दौरान सिद्धार्थ नागेश, निकिता और महिला फुटबॉल टीम ने राज्य के लिए स्वर्ण पदक जीते, जबकि पुरुष फुटबॉल टीम को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुष फुटबॉल के फाइनल में पश्चिम बंगाल फुटबॉल टीम ने छत्तीसगढ़ फुटबॉल टीम को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस प्रतियोगिता में कर्नाटक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 23 स्वर्ण, 8 रजत और 7 कांस्य पदकों के साथ ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। ओडिशा 21 स्वर्ण, 15 रजत और 21 कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और 57 पदकों के साथ सर्वाधिक पदक जीतने वाला राज्य भी बना। वहीं झारखंड ने 16 स्वर्ण, 8 रजत और 11 कांस्य पदकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।
10 दिनों तक चले इस आयोजन में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3,800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और नौ खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा की। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर थे, जबकि मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को प्रदर्शन खेलों के रूप में शामिल किया गया।
कर्नाटक ने प्रतियोगिता के पहले दिन से ही पदक तालिका में बढ़त बनाए रखी और खासतौर पर तैराकी में दबदबा कायम किया, जहां उसने 15 स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा एथलेटिक्स और कुश्ती में भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए उसने अपनी बढ़त को अंत तक बरकरार रखा। कर्नाटक के मणिकांत एल 8 स्वर्ण और 1 रजत पदक के साथ सबसे सफल खिलाड़ी रहे, जबकि धोनिश एन ने तैराकी में 5 स्वर्ण और 1 रजत पदक अपने नाम किए।
महिला वर्ग में ओडिशा की तैराक अंजलि मुंडा ने 5 स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि कर्नाटक की मेघांजलि ने 4 स्वर्ण और 2 कांस्य पदक हासिल किए। ओडिशा एकमात्र ऐसा राज्य रहा जिसने सभी प्रमुख खेल विधाओं में कम से कम एक स्वर्ण पदक जीता, जबकि झारखंड ने एथलेटिक्स, कुश्ती और तीरंदाजी में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी आयोजन की सफलता पर खुशी जताई और भारतीय खेल प्राधिकरण तथा राज्य के खेल विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ में इतने बड़े स्तर पर खेलों का आयोजन किया गया है और आने वाले समय में इसका अगला संस्करण और भी भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा।
अंतिम दिन तीरंदाजी और फुटबॉल के मुकाबलों ने दर्शकों को रोमांचित किया, जहां झारखंड और नागालैंड ने भी स्वर्ण पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। कुल मिलाकर 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पदक तालिका में जगह बनाई, जिनमें से 20 राज्यों ने कम से कम एक स्वर्ण पदक जीतकर देशभर में खेल प्रतिभा के व्यापक प्रसार को साबित किया।

