भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज के बीच तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अचानक टीम से रिलीज कर दिया गया है। यह फैसला ओवल टेस्ट के दूसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले सामने आया, जिससे क्रिकेट जगत में हैरानी फैल गई। बीसीसीआई ने इस फैसले का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, जिससे सवाल उठने लगे हैं। वहीं सहायक कोच रेयान टेन डोइशे के अनुसार बुमराह ने व्यक्तिगत कार्यभार प्रबंधन के तहत केवल तीन टेस्ट खेलने का निर्णय लिया था और टीम ने उनके फैसले का सम्मान किया।
फैसले से पहले कप्तान और कोच ने किया मंथन
लॉर्ड्स और ओल्ड ट्रैफर्ड में खेलने के बाद जसप्रीत बुमराह को लेकर पांचवें और निर्णायक टेस्ट से पहले लंबा विचार-विमर्श हुआ। टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर ने आखिरी समय तक उनके चयन को लेकर मंथन किया।
पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में टीम के सहायक कोच रेयान टेन डोइशे ने कहा कि बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज को बाहर बैठाना आसान फैसला नहीं था। टीम प्रबंधन को उनके कार्यभार और फिटनेस को प्राथमिकता देनी पड़ी।
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कार्यभार को ध्यान में रखते हुए किया गया निर्णय
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछे गए तीखे सवालों के बीच सहायक कोच रेयान टेन डोइशे ने बताया कि बुमराह का मसला काफी पेचीदा है। उन्होंने कहा, “हम चाहते थे कि बुमराह खेले, लेकिन उसके भारी कार्यभार को देखते हुए हमें लगा कि उसे टीम में शामिल करना सही नहीं होगा।
चाहे वह केवल तीन टेस्ट ही खेले और मैनचेस्टर में एक ही पारी में गेंदबाजी की हो, लेकिन उसने वास्तव में काफी ओवर फेंके हैं।” डोइशे ने आगे कहा, “बुमराह ने पहले ही बताया था कि वह तीन टेस्ट ही खेलेंगे और हमें उनके फैसले का सम्मान करना पड़ा।”