Interstate Online Fraud Gang Busted News छत्तीसगढ़ की मुजगहन पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस गिरोह ने रायपुर के मुजगहन (कांदुल) निवासी परमजीत सिंह चड्डा को अपना शिकार बनाया था। ठगों ने फोन के जरिए उन्हें बताया कि उनके नाम पर ‘डीबीटी भारत बैंक’ में 98 लाख 64 हजार रुपये की बीमा पॉलिसी मैच्योर हो चुकी है और वे इस राशि के नॉमिनी हैं।
जब पीड़ित ने बैंक जाने में असमर्थता जताई तो आरोपियों ने फोन पर ही पूरी प्रक्रिया पूरी कराने का झांसा दिया। ठगी को अंजाम देने के लिए गिरोह के सदस्य अनिरुद्ध चौधरी ने पीड़ित की बात ‘सरला आर्या’ नाम की कथित बैंक कर्मी से कराई। दरअसल, आरोपी महिला की आवाज निकालकर या महिला सदस्यों के माध्यम से बात कर भरोसा जीतते थे।
आरोपियों ने पहले प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 22,600 रुपये जमा कराए और फिर कागजी कार्रवाई के नाम पर अलग-अलग किश्तों में 4 लाख 21 हजार 485 रुपये ले लिए। इसके बाद फर्जी टैक्स और आरबीआई दस्तावेज दिखाकर पैसे डूबने का डर दिखाया गया, जिससे घबराकर पीड़ित ने कुल 9 लाख 60 हजार रुपये आरोपियों के बताए खातों में जमा कर दिए। लगातार पैसों की मांग होने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने मुजगहन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर पहले ही गिरोह के तीन सदस्यों अनिल कुमार, अजय तिवारी और रिंकू सिंह को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में गिरोह के मास्टरमाइंड जितेन्द्र कुमार का नाम सामने आया, जिसे दिल्ली में दबिश देकर गिरफ्तार किया गया है।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह छत्तीसगढ़ के अलावा राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस अब मास्टरमाइंड से अन्य राज्यों में दर्ज मामलों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

