आईआईटी भिलाई में POSH अधिनियम पर कार्यशाला, सुरक्षित और समावेशी कार्यस्थल पर जोर

आईआईटी भिलाई में POSH अधिनियम पर कार्यशाला, सुरक्षित और समावेशी कार्यस्थल पर जोर

Chhattisgarh Bhilai News: रायपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई में 17 अप्रैल 2026 को ‘यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH) अधिनियम- मुद्दे, चुनौतियाँ और आगे की राह’ विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश एवं रजिस्ट्रार डॉ. जयेश चंद्र एस. पाई द्वारा किया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी कानूनों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संस्थागत तंत्र को मजबूत करना तथा सुरक्षित और समावेशी कार्य वातावरण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के अंत में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की अध्यक्षा डॉ. रेखा रविंद्रन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर संस्थान के कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जो लैंगिक संवेदनशीलता और कार्यस्थल की गरिमा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यशाला का संचालन हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, नवा रायपुर की विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका आर. मोहद और डॉ. पंकज उंबरकर द्वारा किया गया।

विशेषज्ञों ने POSH अधिनियम के कानूनी प्रावधानों, व्यावहारिक पहलुओं और आंतरिक शिकायत समिति की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में यौन उत्पीड़न की प्रकृति, शिकायत निवारण प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने और निवारक उपायों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

संवादात्मक सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों से जुड़े प्रश्नों पर स्पष्टता मिली। इस तरह की पहलें संस्थान की अपने सभी सदस्यों के लिए सुरक्षित, समावेशी और सहयोगी वातावरण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं।


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