Raipur IDBI Bank Fraud Case रायपुर जिला में IDBI बैंक से जुड़े एक फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस मामले में पहले से नामजद आरोपी के अलावा दो अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 5 मार्च 2026 को धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलतरा निवासी नरेंद्र कुमार वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने राजा खुंटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रार्थी व गवाहों के बयान दर्ज किए।
जांच में जब्त दस्तावेजों में एफडी पेपर, बैंक काउंटर की पावती रसीद, म्यूचुअल बॉन्ड पेपर और अन्य दस्तावेज शामिल थे। इन दस्तावेजों की जांच IDBI Bank की चरोदा शाखा से कराई गई, जिसमें फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। इसके बाद मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के साथ ही 467, 468 और 471 की धाराएं भी जोड़ दी गईं।
पुलिस ने जांच के दौरान इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की पहचान की, जिनमें तोप सिंह वर्मा और बलराम साहू शामिल हैं। दोनों को 27 मार्च 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों को सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
बताया जा रहा है कि तोप सिंह वर्मा धरसींवा क्षेत्र में प्रिंटिंग और कंप्यूटर से जुड़ा कार्य करता है, जबकि बलराम साहू भी इस पूरे फर्जीवाड़े में सक्रिय रूप से शामिल था। पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
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