Gold Rate: सोने में भारी गिरावट, अभी इतने हजार और गिर सकती है कीमत

Gold Rate: सोने में भारी गिरावट, अभी इतने हजार और गिर सकती है कीमत

Gold rate शुक्रवार को सोने की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह अमेरिका द्वारा घोषित नया टैरिफ और उसके तुरंत बाद चीन की ओर से 34 फीसदी रिटैलियेशन टैरिफ की घोषणा रही। इस फैसले ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई और उन्होंने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। इसका सीधा असर सोने पर पड़ा और कीमतें लुढ़क गईं।

भारतीय बाजार में सोने की चमक हुई फीकी

Gold rate भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर जून 2025 के गोल्ड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में 2,800 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई। शाम 7:34 बजे तक सोना 90,057 रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर 88,099 रुपये पर पहुंच गया। यह करीब 2.17 फीसदी की गिरावट है जो कि बहुत बड़ा संकेत है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।

वैश्विक स्तर पर भी भारी गिरावट

केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ग्लोबल स्पॉट गोल्ड प्राइस 2.4 फीसदी टूटकर 3,041.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसका कारण सिर्फ टैरिफ ही नहीं बल्कि अन्य वैश्विक कारक भी हैं जो इस समय सोने की कीमतों पर दबाव बना रहे हैं।

क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट

पिछले कुछ महीनों से ट्रेड वॉर की आशंका बनी हुई थी। निवेशक पहले से ही सावधानी बरत रहे थे और बाजार इन जोखिमों को कीमतों में शामिल कर चुका था। लेकिन जैसे ही अमेरिका की ओर से टैरिफ को लेकर आधिकारिक घोषणा हुई, बाजार में प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो गई। निवेशकों ने सोचा कि अब रिटर्न सुरक्षित कर लेना चाहिए और उन्होंने बड़ी मात्रा में बिकवाली शुरू कर दी। इसके साथ ही रूस और यूक्रेन के बीच तनाव और मिडिल ईस्ट की स्थिति भी थोड़ी शांत है जिससे सोने की ‘सुरक्षित संपत्ति’ वाली छवि कमजोर होती नजर आ रही है।

तकनीकी विश्लेषण क्या कहता है

तकनीकी रूप से देखा जाए तो Comex गोल्ड को 3,120 से 3,130 डॉलर के बीच मजबूत रेजिस्टेंस मिल रहा है। अगर यह कीमतें 3,050 डॉलर के नीचे जाती हैं तो और बड़ी गिरावट की संभावना बन जाती है। इसका मतलब यह है कि बाजार के लिए अब सोने की कीमत को ऊपर टिकाए रखना चुनौती बन गया है।

क्या भारत में और सस्ता होगा सोना

भारतीय बाजार में सोने की कीमतें अब 88,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर संघर्ष कर रही हैं। अगर यह स्तर टूटता है तो सोना 87,000 रुपये तक गिर सकता है। वहीं अगर गिरावट का ट्रेंड जारी रहता है तो कीमतें 84,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक भी पहुंच सकती हैं। इसके पीछे एक और बड़ा कारण अमेरिका की मज़बूत जॉब रिपोर्ट है जिससे यह संकेत मिला है कि फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। ब्याज दरें अगर ऊंची रहती हैं तो सोने जैसी संपत्तियों की मांग पर असर पड़ता है और कीमतें और नीचे जा सकती हैं।

बाजार पर अमेरिका-चीन तनाव का असर

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित टैरिफ और चीन की ओर से हुए पलटवार ने ग्लोबल ट्रेड को नई दिशा दी है। इससे न केवल गोल्ड बल्कि अन्य कमोडिटीज पर भी असर देखने को मिल सकता है। अगर यह टकराव और बढ़ता है तो बाजार में अनिश्चितता और बढ़ेगी और निवेशक फिर से सोने की ओर लौट सकते हैं। लेकिन फिलहाल के लिए गिरावट का दौर जारी रह सकता है।


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