Godrej Agrovet Takai Insecticide Launch : भारत की अग्रणी विविधीकृत कृषि-व्यवसाय कंपनी गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड ने धान की फसल के लिए नया कीटनाशक ‘टकाई’ लॉन्च किया है। आईएसके जापान द्वारा विकसित साइक्लेप्रिन™ तकनीक से युक्त यह उत्पाद धान में प्रमुख कीट स्टेम बोरर (तना छेदक) पर प्रभावी नियंत्रण प्रदान करता है और लीफ फोल्डर को भी नियंत्रित करता है।
कंपनी के अनुसार, ‘टकाई’ का उपयोग रोपाई के 15–30 दिन बाद (डीएटी) 160 मिली की मात्रा में तथा पुनः 40–60 डीएटी के दौरान करने की सलाह दी गई है, जिससे फसल को लंबे समय तक व्यापक सुरक्षा मिलती है। कंपनी मक्का, मिर्च, पत्तागोभी, सोयाबीन, चना और गन्ना फसलों के लिए भी इसके लेबल अनुमोदन की प्रक्रिया में है।
तना छेदक के प्रकोप से 30 से 40 प्रतिशत तक उत्पादन हानि हो सकती है, जबकि लीफ फोल्डर से 20 से 30 प्रतिशत तक उपज प्रभावित होती है। ये कीट फसल के शुरुआती और मध्य विकास चरण में हमला करते हैं, जिससे समय पर पहचान और नियंत्रण चुनौतीपूर्ण हो जाता है। भारत विश्व का सबसे बड़ा धान उत्पादक देश है और यहां 150.18 मिलियन टन उत्पादन होता है, लेकिन प्रति हेक्टेयर औसत उपज लगभग 2.9 टन है, जो वैश्विक औसत 5 टन प्रति हेक्टेयर से कम है।
गोदरेज एग्रोवेट के एमडी एवं सीईओ सुनील कटारिया ने कहा कि प्रभावी कीट प्रबंधन धान किसानों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और ‘टकाई’ तेज़ एवं लंबे समय तक असरदार समाधान प्रदान करेगा। क्रॉप प्रोटेक्शन बिज़नेस के जनरल मैनेजर मार्केटिंग अनिल कुमार चौबे ने बताया कि प्री-लॉन्च सर्वेक्षण में 77 प्रतिशत किसानों ने तेज़ नियंत्रण और लंबे असर को प्राथमिकता दी। कंपनी का कहना है कि साइक्लेप्रिन™ तकनीक कीटों के भोजन की प्रक्रिया को तेजी से रोकती है और स्थिर एवं बेहतर उपज सुनिश्चित करने में मदद करती है।
कंपनी ने बताया कि ‘टकाई’ और पहले लॉन्च किए गए मक्का हर्बीसाइड ‘आशिटाका’ के साथ वह नवाचार और किसान-केंद्रित उत्पादों के जरिए अधिक उत्पादक और सतत कृषि व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

