Satyapal Malik Passes Away : जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के RML अस्पताल में ली अंतिम सांस

Satyapal Malik Passes Away : जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के RML अस्पताल में ली अंतिम सांस

Satyapal Malik Passes Away : जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML) में निधन हो गया। 79 वर्षीय मलिक किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और पिछले कई दिनों से ICU में भर्ती थे।

सत्यपाल मलिक का सियासी सफर

सत्यपाल मलिक का राजनीतिक जीवन बगावती तेवर और साहसिक निर्णयों से भरा रहा। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के हिसावदा गांव में 24 जुलाई 1946 को जन्मे मलिक ने मेरठ कॉलेज से बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। छात्र जीवन में ही वे राम मनोहर लोहिया के समाजवादी विचारों से प्रेरित होकर छात्रसंघ राजनीति में सक्रिय हो गए।

उनका सियासी सफर 1974 में शुरू हुआ, जब वे चौधरी चरण सिंह की अगुवाई वाले भारतीय क्रांति दल के टिकट पर बागपत विधानसभा सीट से चुनाव लड़े और 42.4% वोट हासिल कर कम्युनिस्ट पार्टी के आचार्य दीपांकर को हराकर विधायक बने। बाद में राष्ट्रीय लोकदल के गठन के बाद वे इसके जनरल सेक्रेटरी बने।

1980 में लोकदल ने उन्हें राज्यसभा भेजा। 1984 में उन्होंने कांग्रेस जॉइन की, लेकिन बोफोर्स घोटाले के बाद राजीव गांधी सरकार से असहमति के चलते 1988 में वीपी सिंह के जनता दल में शामिल हो गए। 1989 में अलीगढ़ से लोकसभा चुनाव जीतकर वे संसद पहुंचे। हालांकि, 1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर और 2004 में बीजेपी के टिकट पर बागपत से हार का सामना करना पड़ा।

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2012 में उन्हें बनाया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

Satyapal Malik Passes Away हार के बावजूद सत्यपाल मलिक का बीजेपी में प्रभाव बढ़ता गया। 2012 में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। 2017 में बिहार के राज्यपाल नियुक्त हुए, और 2018 में उन्हें जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल बनाया गया। उनके कार्यकाल में 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिसमें उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। बाद में वे गोवा (2019-2020) और मेघालय (2020-2022) के राज्यपाल भी रहे।

सत्यपाल मलिक हमेशा अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चा में रहे। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहते उन्होंने पुलवामा हमले (2019) को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें चुप रहने को कहा था।

उन्होंने किरू जलविद्युत परियोजना में 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश का खुलासा किया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। हालांकि, CBI ने इस मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसे मलिक ने गलत बताया और कहा कि उन्होंने ही इस टेंडर को रद्द किया था।

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दुष्यंत चौटाला ने किया पोस्ट

हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सत्यपाल मलिक के निधन पर दुख जताते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ जननेता सत्यपाल मलिक के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। वे हमेशा जनहित की बात निर्भीकता से रखते रहे जननायक जनता पार्टी उनकी बेबाक राजनीति, किसान हितैषी सोच और सार्वजनिक जीवन में सादगी को सादर नमन करती है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।”


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