कवासी लखमा से मिलने सेंट्रल जेल पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल, कहा- बिना ठोस सबूत के परेशान कर रही है जांच एजेंसियां

कवासी लखमा से मिलने सेंट्रल जेल पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल, कहा- बिना ठोस सबूत के परेशान कर रही है जांच एजेंसियां

शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मिलने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए।

पूर्व सीएम का आरोप है कि जांच एजेंसियों पर राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। बेटे चैतन्य की रिहाई को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि लोग यह कह रहे हैं कि मैंने अपने बेटे को छुड़वा लिया। जबकि सच्चाई यह है कि उसे कोर्ट से जमानत मिली है।

भूपेश बघेल ने कहा कि मेरा बस चलता तो मेरा बेटा जेल ही नहीं जाता। कोर्ट ने जांच एजेंसियों को फटकार लगाई है, तब जाकर जमानत मिली।

लंबे समय तक जेल में रखने की साजिश

उन्होंने कहा कि कवासी लखमा को ज्यादा से ज्यादा समय तक जेल में रखने की साजिश की जा रही है। इसी वजह से जांच एजेंसियां सुप्रीम कोर्ट में समय पर जवाब पेश नहीं कर रही हैं। अगर ED कवासी लखमा का जवाब सुप्रीम कोर्ट में समय पर पेश कर देती, तो 17 दिसंबर को ही फैसला आ जाता।

लेकिन जानबूझकर जवाब रोका गया, ताकि लखमा को लंबे समय तक जेल में रखा जा सके। भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके मुंह से गलती से सच निकल गया है। उन्होंने कहा कि एक साल से निर्दोष कवासी लखमा जेल में बंद हैं।

अगर उन्हें निर्दोष माना जा रहा है, तो फिर EOW और ED की कार्रवाई क्यों जारी है। उन्होंने भाजपा नेताओं से “घड़ियाली आंसू” न बहाने की नसीहत दी और कहा कि पहले यह सुनिश्चित करें कि जांच एजेंसियां कोर्ट में जवाब पेश करें।

कौन हैं कवासी लखमा ?

कवासी लखमा बस्तर क्षेत्र से कांग्रेस के सबसे मजबूत आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं। वे सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं। 2013 के दरभा घाटी नक्सली हमले में वे जीवित बचे नेताओं में शामिल थे।

2018 में कांग्रेस सरकार बनने पर उन्हें आबकारी मंत्री बनाया गया। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार के 13 मंत्रियों में से केवल चार ने अपनी सीट बचाई, जिनमें कवासी लखमा भी शामिल थे।

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