रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को वर्ष 2025–26 के मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में दो प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। विभाग को यह उपलब्धि अपनी नवाचार आधारित पहलों—FDS 2.0 (ई-कुबेर डिजिटल पेमेंट सिस्टम) और वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली—के सफल और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिली है।
FDS 2.0 (ई-कुबेर डिजिटल पेमेंट सिस्टम) के माध्यम से वन विभाग की संपूर्ण भुगतान व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इस प्रणाली के लागू होने से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, मानवीय त्रुटियों की संभावना घटी है और योजनाओं, कार्यों व कर्मचारियों के भुगतान में तेजी आई है। इससे विभाग के प्रशासनिक कार्य अधिक दक्ष बने हैं और आम नागरिकों से जुड़े भुगतान संबंधी कार्य भी सरल एवं समयबद्ध हुए हैं।
वहीं, वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसके जरिए हाथियों की गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी की जाती है। इस पहल से वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को समय रहते अलर्ट मिल जाता है, जिससे संभावित खतरे से पहले ही सतर्कता संभव हो पाती है। इसके परिणामस्वरूप मानव–हाथी संघर्ष में कमी आई है और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण सुरक्षा को भी मजबूती मिली है।
इन उपलब्धियों के पीछे विभागीय नेतृत्व और टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस सफलता के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। एसीएस ऋचा शर्मा, पीसीसीएफ एवं होएफएफ श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) अरुण पांडे सहित वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और नवाचार को प्रोत्साहन देने से इन योजनाओं का सफल क्रियान्वयन संभव हो सका।
मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में मिले ये सम्मान इस बात का प्रमाण हैं कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग पारदर्शी शासन, तकनीक आधारित समाधान, नागरिक-केंद्रित सेवाओं और प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। यह उपलब्धि राज्य में सुशासन और नवाचार को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

