दुर्ग में रिलायंस बायोगैस प्लांट पर किसानों का फूटा गुस्सा, पैरा मुफ्त उठाने का आरोप, एक हफ्ते में दाम तय नहीं तो तालाबंदी की चेतावनी

दुर्ग में रिलायंस बायोगैस प्लांट पर किसानों का फूटा गुस्सा, पैरा मुफ्त उठाने का आरोप, एक हफ्ते में दाम तय नहीं तो तालाबंदी की चेतावनी

Chhattisgarh Durg News: दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम जामगांव एम में स्थापित रिलायंस इंडस्ट्रीज के बायोगैस प्लांट को लेकर किसानों और कंपनी के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। किसानों का आरोप है कि रिलायंस बायोगैस प्लांट धान कटाई के बाद निकलने वाले पैरा को बिना किसी भुगतान के किसानों से उठाकर गैस निर्माण में उपयोग कर रहा है और इससे भारी मुनाफा कमा रहा है। इस मुद्दे को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है और किसानों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है।

किसानों का आरोप : मेहनत हमारी, मुनाफा कंपनी का

किसानों का कहना है कि धान की खेती में उनकी सालभर की मेहनत लगती है। कटाई के बाद मिलने वाला पैरा न सिर्फ पशुओं के चारे के काम आता है, बल्कि बाजार में इसका अलग आर्थिक मूल्य भी है। बायोगैस प्लांट की स्थापना के समय किसानों को उम्मीद थी कि पैरा बेचकर उन्हें अतिरिक्त आमदनी होगी, लेकिन कंपनी द्वारा पैरा मुफ्त में उठाया जाना किसानों के साथ सीधा अन्याय और शोषण है।

एसडीएम पाटन को सौंपा गया ज्ञापन

इस गंभीर मुद्दे को लेकर पूर्व भाजपा उत्तर मंडल अध्यक्ष पाटन लोकमणि चंद्राकर के नेतृत्व में किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) पाटन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि किसानों के पैरा का उचित और तयशुदा मूल्य निर्धारित किया जाए, ताकि किसानों को उनका हक मिल सके।

किसानों ने प्रशासन को अवगत कराया कि यदि कंपनी किसानों से पैरा ले रही है और उससे व्यावसायिक लाभ कमा रही है, तो किसानों को भी उसका उचित मुआवजा मिलना चाहिए।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम, तालाबंदी की चेतावनी

किसानों ने प्रशासन और कंपनी को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिनों के भीतर पैरा का मूल्य तय नहीं किया गया, तो आठवें दिन रिलायंस बायोगैस प्लांट में तालाबंदी की जाएगी। किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब किसी भी कीमत पर उनका शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विवाद में प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा से जुड़े पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने इसे किसानों के हितों से जुड़ा गंभीर मामला बताया और प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की।

किसानों के समर्थन में रहे साथ

इस दौरान उत्तर पाटन के पूर्व मंडल अध्यक्ष लोकमणि चंद्राकर, मध्य पाटन मंडल के पूर्व अध्यक्ष खेमलाल साहू, जिला भाजपा उपाध्यक्ष दुर्ग हर्षा चंद्राकर, जय नारायण वर्मा, दुष्यंत शर्मा, राजू साहू (सरपंच), महेंद्र वर्मा, कृष्णा हरबंश (सरपंच), हरिशंकर साहू, कमलनारायण वर्मा, रमाकांत यादव, लीलाराम चंद्राकर, हेमंत कुमार सेन, राकेश चंद्राकर, चंचल यादव, अखिल चंद्राकर, तोरण नेताम, राकेश कुमार साहू (सरपंच) और मनीष कोसले सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


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