CG Pratappur News: प्रतापपुर: छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर विकासखंड के जरही (बंशीपुर) और अमनदोन क्षेत्र में संचालित एक निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह स्कूल बिना किसी वैध मान्यता के संचालित किया जा रहा है, जिससे बच्चों के भविष्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
बिना मान्यता चल रही पढ़ाई
जानकारी के अनुसार, संबंधित स्कूल ने न तो छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता ली है और न ही CBSE से संबद्धता प्राप्त की है। इसके बावजूद यहां नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव
नियमों के मुताबिक किसी भी निजी स्कूल के लिए पर्याप्त भूमि, सुरक्षित बाउंड्री, हवादार कक्ष, शौचालय, रैंप, स्वच्छ पेयजल, पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब अनिवार्य होते हैं।
लेकिन आरोप है कि जरही मुख्य हाईवे पर संचालित इस स्कूल में इन सुविधाओं का गंभीर अभाव है। अधूरा निर्माण, सीमित संसाधन और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था नियमों की खुली अनदेखी को दर्शाती है।
BEO का चौंकाने वाला बयान
जब इस मामले में प्रतापपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुन्नू सिंह धुर्वे से संपर्क किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें ऐसे किसी नए स्कूल के संचालन की जानकारी नहीं है।
यह बयान खुद कई सवाल खड़े करता है कि आखिर बिना जानकारी के स्कूल कैसे संचालित हो रहा है और विभागीय निगरानी कहां है।
जवाबदेही पर सवाल
बिना मान्यता स्कूल कैसे चल रहा है?
क्या शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था कमजोर है?
कहीं यह लापरवाही या संरक्षण का मामला तो नहीं?
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि—
स्कूल की मान्यता और दस्तावेजों की तत्काल जांच हो
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाए
बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
प्रशासन के लिए अग्नि परीक्षा
यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और सच्चाई कब तक सामने आती है।

