रायपुर। बिलासपुर जिले के कोटा स्थित रानीसागर में डीएवी पब्लिक स्कूल का उद्घाटन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शिरकत की और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार को एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अटल श्रीवास्तव तथा नगर पंचायत कोटा की अध्यक्ष सरोज साहू उपस्थित रहीं। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि डीएवी संस्थाओं का छत्तीसगढ़ में आगमन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पहल का परिणाम है, जिसने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।
उन्होंने बताया कि डीएवी विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में डीएवी संस्थाओं की भूमिका अहम है। इसके साथ ही महापुरुषों की जीवनी, क्षेत्रीय भाषाओं और परंपराओं को शिक्षा से जोड़ना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
समारोह का नेतृत्व एवं मार्गदर्शन क्षेत्रीय अधिकारी प्रशांत कुमार एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों ने किया। जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे, बीईओ नरेंद्र पी मिश्रा, संभाग के डीएवी स्कूलों के प्राचार्य, नए स्कूल के विद्यार्थी, अभिभावक और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक वैदिक हवन-यज्ञ से हुई, जबकि सांस्कृतिक प्रस्तुति में स्वागत गीत और डीएवी गान शामिल थे। विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या जसमीत कौर ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। समारोह का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
डीएवी (दयानंद एंग्लो वैदिक) संस्थाओं की स्थापना आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से हुई थी। इसकी प्रेरणा स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों से मिली। वर्ष 1886 में लाहौर में पहले डीएवी विद्यालय की स्थापना हुई, और आज यह देशभर में 1000 से अधिक विद्यालयों के नेटवर्क में विकसित हो चुका है।

