Khelo India Tribal Games रायपुर। छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाजी, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने एक बार फिर देशभर के खिलाड़ियों का दिल जीत लिया है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भाग लेने आए सिक्किम के फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए बारनवापारा और सिरपुर का दौरा यादगार अनुभव बन गया, जहाँ खेल, संस्कृति और एडवेंचर का अनोखा संगम देखने को मिला। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पहल पर आयोजित इस विशेष भ्रमण ने खिलाड़ियों को राज्य की परंपराओं और प्राकृतिक विविधता से करीब से परिचित कराया।
मोहदा स्थित हरेली इको रिसॉर्ट की ओर जाते समय खिलाड़ियों का सफर उस वक्त रोमांचक बन गया जब घने जंगल के बीच उन्हें एक भालू का शावक दिखाई दिया। इस अप्रत्याशित वन्यजीव दर्शन ने खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ के ईको-टूरिज्म की असली झलक दिखाई और उनके उत्साह को दोगुना कर दिया। जंगल की हरियाली और प्राकृतिक वातावरण ने इस यात्रा को और भी खास बना दिया।
रिसॉर्ट पहुंचने पर खिलाड़ियों का स्वागत पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अंदाज में किया गया, जहाँ लोक संस्कृति की झलक ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मांदर की थाप और करमा नृत्य की धुनों पर सिक्किम के खिलाड़ी खुद को रोक नहीं पाए और स्थानीय कलाकारों के साथ जमकर थिरके। इस दौरान पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत की संस्कृतियों का सुंदर मेल देखने को मिला, जिसने भावनात्मक और सांस्कृतिक एकता की मिसाल पेश की।
प्राकृतिक सौंदर्य के बीच खिलाड़ियों ने बांस की नाव से बैम्बू राफ्टिंग का भी आनंद उठाया। शांत जलधारा में तैरते हुए उन्होंने प्रकृति के करीब होने का अनुभव किया और एडवेंचर का भरपूर आनंद लिया। इसके साथ ही खिलाड़ियों ने सिरपुर के ऐतिहासिक स्थलों का भी भ्रमण किया, जहाँ प्राचीन मंदिरों, बौद्ध स्थलों और पुरातात्विक धरोहरों को देखकर वे काफी प्रभावित हुए और छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास की सराहना की।
इस पूरे दौरे ने खिलाड़ियों को न सिर्फ खेल के मैदान से बाहर नई ऊर्जा दी, बल्कि उन्हें भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक संपदा से भी जोड़ दिया, जिससे यह अनुभव उनके लिए जीवनभर की याद बन गया।

