Chhattisgarh Dhamtari News: धमतरी। वायरल वीडियो को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। कुरूद विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ जिला सत्र न्यायालय में मानहानि का दावा दायर किया है। मामला स्वतंत्रता दिवस के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो से जुड़ा है, जिसमें चंद्राकर भाजपा का झंडा फहराते नजर आ रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बाद में पुलिस जांच में यह वीडियो 15 अगस्त 2026 का नहीं, बल्कि 22 मार्च 2026 को कुरूद में हुए भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम का बताया गया था।
चंद्राकर का आरोप है कि पुराने वीडियो को स्वतंत्रता दिवस का बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने से उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर उन्होंने दोनों के खिलाफ मानहानि का दावा पेश किया है। इससे पहले वीडियो को लेकर रायपुर के सिविल लाइन थाने में सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी थी।
वायरल वीडियो मामले में धमतरी पुलिस ने अलग कार्रवाई करते हुए भुनेश्वर निराला और राकेश निराला को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, दोनों पर मार्च में आयोजित भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम के मूल वीडियो को डाउनलोड कर एडिट करने और बाद में उसे स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल साक्ष्य जुटाने की बात कही थी।
विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया था कि 15 अगस्त को अजय चंद्राकर ने तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा फहराया। वहीं चंद्राकर की ओर से इस दावे को खारिज करते हुए कहा गया कि वायरल वीडियो 22 मार्च के भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम का है और स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इस पुराने वीडियो को 15 अगस्त की घटना के रूप में प्रसारित किए जाने को लेकर ही शिकायत और FIR की कार्रवाई हुई थी।
अब मानहानि याचिका दायर होने के बाद यह विवाद न्यायिक प्रक्रिया के एक और चरण में पहुंच गया है। मामले में अदालत के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलें और आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।

