नारायणपुर के ऐतिहासिक मावली मेले में विकास की सौगात, करोड़ों के कार्यों की मिली मंजूरी, मंत्री केदार कश्यप बोले- मेला अर्थव्यवस्था का आधार

नारायणपुर के ऐतिहासिक मावली मेले में विकास की सौगात, करोड़ों के कार्यों की मिली मंजूरी, मंत्री केदार कश्यप बोले- मेला अर्थव्यवस्था का आधार

Narayanpur Mavli Mela News रायपुर। नारायणपुर में आयोजित ऐतिहासिक माता मावली मेले में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप तथा राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता मावली की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि मावली माता के आशीर्वाद से बस्तर की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराएं सदैव अक्षुण्ण रहें। नारायणपुर का यह मेला सामाजिक समरसता, लोककला और परंपरा का जीवंत संगम है, जहां दूर-दूर से लोग पहुंचकर बस्तर की संस्कृति से रूबरू होते हैं।

मंत्री द्वय ने मेले में लगे विभिन्न दुकानों और विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा स्थानीय उत्पादों और पूजा सामग्री की खरीदारी भी की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करते हैं, बल्कि स्थानीय व्यापार और आजीविका को भी बढ़ावा देते हैं।

इस अवसर पर कुल 2 करोड़ 36 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। इनमें 1 करोड़ 76 लाख 59 हजार रुपये के कार्यों का भूमिपूजन तथा 59 लाख 51 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 10 प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण के लिए 1 करोड़ 41 लाख 60 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई।

इसके अतिरिक्त जनपद पंचायत ओरछा के ग्राम कुतुल और जाटलूर में बाजार शेड निर्माण के लिए 34 लाख 99 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। जनपद पंचायत नारायणपुर के बागडोंगरी, पालकी और महिमागवाड़ी में 59 लाख 51 हजार रुपये की लागत से निर्मित खाद्यान्न भवनों का लोकार्पण किया गया। साथ ही नेलवाड़ और खोड़गांव में 100-100 मैट्रिक टन क्षमता के गोदामों का भी लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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