Chhattisgarh Durg News: दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस और छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के बीच चल रहा विवाद अब सोशल मीडिया तक पहुंच गया है। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक युवक ने भिलाई नगर के सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी को खुली चुनौती देते हुए विवाद को और हवा दे दी है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे दो लाख से अधिक बार देखा जा चुका है।
वायरल वीडियो में युवक सीधे सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी को संबोधित करते हुए कहता है कि यदि उनमें वास्तव में हिम्मत है तो वर्दी उतारकर सामने आएं। युवक ने दावा किया कि किसी संगठन या बड़ी संख्या में लोगों से निपटने की बात करने के बजाय पहले एक छत्तीसगढ़िया से सामना करके दिखाएं। वीडियो में उसने पुलिस व्यवस्था और कथित व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
वीडियो में युवक ने आरोप लगाया है कि करीब एक सप्ताह पहले वह अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव के पास बैठा हुआ था। इसी दौरान पुलिस की पेट्रोलिंग टीम वहां पहुंची और लोगों को वहां से हटाने लगी। युवक का कहना है कि वह किसी भी तरह की अवैध गतिविधि में शामिल नहीं था, बावजूद इसके पुलिसकर्मियों ने उसे थप्पड़ मार दिया। इसी घटना से नाराज होकर उसने वीडियो जारी किया।
जानकारी के अनुसार युवक दुर्ग जिले के डोमा गांव का निवासी बताया जा रहा है। हालांकि वीडियो में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दरअसल, पूरे विवाद की शुरुआत भिलाई के स्मृति नगर चौकी में हुए एक घटनाक्रम से हुई थी। शंकराचार्य अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी के बीच हुए विवाद के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा था। इसी संबंध में कार्रवाई की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारी जिला उपाध्यक्ष चेतन चंदेल के नेतृत्व में चौकी पहुंचे थे।
उसी समय सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी किसी अन्य मामले में दोनों पक्षों के बीच बैठक ले रहे थे। पुलिस द्वारा कुछ देर इंतजार करने की बात कहे जाने पर चौकी परिसर में नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान सीएसपी और संगठन के पदाधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई थी।
विवाद के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि सीएसपी ने कथित तौर पर कहा था कि यदि वे वर्दी उतार दें तो हजारों छत्तीसगढ़ियों से निपट सकते हैं। हालांकि सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने इस तरह का कोई बयान देने से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातें पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि चौकी में कुछ लोगों द्वारा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई थी, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।
विवाद के बाद सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना की ओर से लगातार पोस्टर, वीडियो और बयान साझा किए जा रहे हैं। वहीं संगठन के पदाधिकारी पुलिस की कुछ हालिया कार्रवाइयों को भी पक्षपातपूर्ण और प्रतिशोधात्मक बता रहे हैं। दूसरी ओर पुलिस की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर जारी बयानबाजी के चलते यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।

