रायपुर। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जिला सक्ती में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में हो रही अनियमितताओं को लेकर राज्यपाल को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि धान उपार्जन योजना के अंतर्गत किसानों को टोकन जारी किए जाने के बावजूद टोकन में दर्ज मात्रा से कम धान खरीदा जाना या धान न लिया जाना पूरी तरह अनैतिक है।
महंत ने पत्र में उल्लेख किया कि जिला सक्ती में धान बेचने के लिए कुल 91,526 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिनसे अनुमानित 5,31,115 मीट्रिक टन धान की खरीदी होनी है। हालांकि 27 जनवरी 2026 को अपरान्ह 2:30 बजे तक केवल 4,33,717 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो सकी है और अब तक 81,711 किसान ही अपना धान बेच पाए हैं।
उन्होंने बताया कि मौखिक आदेश के कारण कई किसानों से धान नहीं लिया जा रहा है, जिससे किसानों में भारी असंतोष व्याप्त है। इसके विरोध में किसानों द्वारा आंदोलन शुरू कर दिया गया है और कई स्थानों पर सड़कों पर आवागमन बाधित किया गया है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि धान खरीदी की अंतिम तिथि 30 जनवरी 2026 निर्धारित है, जबकि अभी भी हजारों किसान अपना धान बेचने से वंचित हैं। यदि किसानों से पूरा धान नहीं खरीदा गया तो यह अन्नदाताओं के साथ गंभीर अन्याय होगा। चरणदास महंत ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वे राज्य सरकार को निर्देशित करें कि धान उपार्जन योजना के अनुसार किसानों से पूरा धान खरीदा जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर धान खरीदी की अवधि को आगे बढ़ाया जाए।

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