चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक इन दिनों भारत की राजकीय यात्रा पर हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं को तिरंगे के पास रुकते हुए देखा गया.
दरअसल गेब्रियल बोरिक तिरंगे को देखकर रुक गए और पीएम मोदी से अशोक चक्र के महत्व के बारे में सवाल किया. इस पर पीएम मोदी उन्हें अशोक चक्र का मतलब समझाते नजर आए.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बोरिक और मोदी एक दरवाजे से बाहर निकलते और बातचीत करते हुए दिखाई देते हैं. बोरिक भारतीय ध्वज के पास रुकते हैं, अशोक चक्र की ओर इशारा करते हैं और मोदी से इसका अर्थ पूछते हैं. इसके बाद मोदी उस प्रतीक के बारे में बताते हैं, जो भारत के ध्वज के केंद्र में है.
अशोक चक्र का महत्व
अशोक चक्र 24 तीलियों वाला एक गहरे नीले रंग का चक्र है, जिसे सारनाथ में अशोक के सिंह स्तंभ से लिया गया है. यह प्रगति, कर्तव्य और कई अन्य मूल्यों का प्रतीक है. भारत के झंडे में सबसे ऊपर गहरा केसरिया, बीच में सफेद और नीचे की तरफ गहरा हरा रंग है. ये तीनों ही रंग बराबर अनुपात में हैं.
इससे पहले दिन में बोरिक राजघाट गए, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की. विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट कहा, “चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट ने शांति और अहिंसा के उनके स्थायी संदेश का सम्मान करते हुए राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. महात्मा की स्थायी विरासत और एकजुट करने वाले साझा मूल्यों पर चिंतन का एक क्षण.”
द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर हुई पीएम मोदी और बोरिक के बीच चर्चा
चार दिवसीय भारत दौरे पर आए बोरिक के साथ सरकारी अधिकारियों और कारोबारी नेताओं सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है. अपनी बैठक के दौरान पीएम मोदी और बोरिक ने आर्थिक और सामाजिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की.