संसद में छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की गूंज, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश को जियोटेक्सटाइल हब बनाने की उठाई मांग

संसद में छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की गूंज, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश को जियोटेक्सटाइल हब बनाने की उठाई मांग

Geotextile Hub Demand in Lok Sabha नई दिल्ली/रायपुर। भारत सरकार के राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) के तहत देश में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के प्रयास तेज हो रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को लोकसभा में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने राज्य की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ को ‘जियोटेक्सटाइल’ उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की जोरदार वकालत की।

लोकसभा में चर्चा के दौरान सांसद अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे उच्च क्षमता वाले राज्यों में सड़क निर्माण, खनन और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बड़े पैमाने पर संचालित हो रही हैं, जहां जियोटेक्सटाइल की भारी मांग है। इसके बावजूद राज्य अभी उपभोक्ता की भूमिका में है, जबकि उसे उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

NTTM फंड के उपयोग पर उठाए सवाल

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने वस्त्र मंत्रालय से राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के अंतर्गत स्वीकृत 1,480 करोड़ रुपये की राशि के वास्तविक उपयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने दिसंबर 2025 तक जारी और उपयोग की गई राशि के बीच अंतर को लेकर पारदर्शिता की मांग की। साथ ही अप्रयुक्त फंड को एमएसएमई क्षेत्र में तकनीक अपनाने, परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना और क्षेत्रीय नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पुनः प्राथमिकता के आधार पर आवंटित करने का सुझाव दिया। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में जियोटेक्सटाइल के स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर बल दिया।

केंद्र सरकार ने दी जानकारी

सांसद के सवालों के जवाब में केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने बताया कि राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत अब तक 1,100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 506.73 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जियोटेक्सटाइल से जुड़ी 22 अनुसंधान परियोजनाओं को पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है।

MSME और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सांसद अग्रवाल ने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को जियोटेक्सटाइल के स्वदेशी उत्पादन के लिए सक्षम बनाया जाता है, तो इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी और राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि विकेंद्रीकृत औद्योगिक नियोजन की आवश्यकता है, ताकि स्थानीय संसाधनों और मांगों के अनुरूप औद्योगिक विकास हो सके। NTTM के ‘प्रचार और बाजार विकास’ घटक के माध्यम से छत्तीसगढ़ जियोटेक्सटाइल के खरीदार से एक मजबूत विनिर्माण केंद्र बन सकता है।

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